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ग्राम प्रधानों ने एडीओ पंचायत को बनाया बंधक
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 31 Dec 2015 08:24 PM IST
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जिला प्रशासन की ओर से नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को शपथ ग्रहण कराए जाने के कुछ ही दिन बाद विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से रतनपुरा ब्लाक के अधिकांश ग्राम पंचायतों के खातों से लाखों रुपये निकाले जाने का मामला प्रकाश में आया।
ग्राम प्रधानों को पता चलते ही उप्र पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के तत्वावधान में रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के लगभग 60 ग्राम प्रधानों ने गुरुवार को अपराह्न लगभग एक बजे ब्लाक कार्यालय पर जमकर बवाल किया।
गुस्साए ग्राम प्रधानों ने एडीओ पंचायत नीरज मिश्रा को बंधक बना लिया। लगभग दो घंटे बाद मामले की जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे खंड विकास अधिकारी ने प्रदर्शनकारी ग्राम प्रधानों को समझाकर शांत कराया।
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रतनपुरा ब्लाक में 77 ग्राम पंचायतें हैं। जिला प्रशासन की ओर से नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को गत 20 दिसंबर को पद व गोपनीयता की शपथ दिलवाया था। गांवों में विकास कार्य भी शुरू हो गया था।
इसी बीच दो दिन पूर्व अधिकांश नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के खाते से 20 दिसंबर से 30 दिसंबर के बीच खाते से निकाले जाने की जानकारी हुई तो उनका माथा ठनका। ग्राम प्रधान संगठन के तत्वावधान में ग्राम प्रधानों ने खंड विकास अधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया।
लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने से गुस्साए ग्राम प्रधानों ने ब्लाक कार्यालय पर एडीओ पंचायत नीरज मिश्रा को गुरुवार को अपराह्न लगभग एक बजे बंधक बनाकर नारेबाजी करने लगे। ग्राम प्रधान चिल्ला-चिल्लाकर खाते से निकाले गए धन की रिकवरी की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मुस्तफाबाद ग्राम सभा के खाते से 1.82 लाख, लसरा से 1.17 लाख, गड़वा से 1.90 लाख, मानिकपुर से 13500 रुपये, अइलख से 1.24 लाख, रतनपुरा, पीपरसाथ से 18-18 हजार, छिछोर से 67 हजार, मझौली से 36 हजार रुपया निकाला गया है। ऐसा ही आरोप अन्य गांवों के भी ग्राम प्रधान चिल्ला-चिल्लाकर लगा रहे थे।
प्रदर्शनकारी ग्राम प्रधान यह भी कह रहे थे कि हैंडपंपों के मरम्मत तथा साफ सफाई के नाम पर धन निकाला गया है, लेकिन गांवों में हैंडपंप तो बिगड़े ही हैं। साफ सफाई के उपकरण भी नहीं खरीदे जा सके हैं। जब तक खर्च किया गया धन खाते में नहीं भेजा जाएगा तब तक खातों का संचालन नहीं किया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी अनुराग राय ने ग्राम प्रधानों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। प्रदर्शन करने वाले ग्राम प्रधानों में गड़वा के हरिकेश यादव, तरवां की नीता, गुलौरी के मुन्ना यादव, पीपरसाथ की सविता यादव, मुस्तफाबाद की पूनम सिंह, छिछोर के नसीम अहमद, सेमराजपुर के शिवजी सिंह, मोलनापुर की अनीता सिंह, मानिकपुर के देवेंद्र, साहूपुर की रंजना सिंह, मझौली की मालती यादव, अइलख के सुनील सिंह, बीबीपुर के बब्बन सिंह, लसरा की शारदा देवी आदि शामिल थे।
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ग्राम प्रधानों को पता चलते ही उप्र पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के तत्वावधान में रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के लगभग 60 ग्राम प्रधानों ने गुरुवार को अपराह्न लगभग एक बजे ब्लाक कार्यालय पर जमकर बवाल किया।
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गुस्साए ग्राम प्रधानों ने एडीओ पंचायत नीरज मिश्रा को बंधक बना लिया। लगभग दो घंटे बाद मामले की जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे खंड विकास अधिकारी ने प्रदर्शनकारी ग्राम प्रधानों को समझाकर शांत कराया।
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रतनपुरा ब्लाक में 77 ग्राम पंचायतें हैं। जिला प्रशासन की ओर से नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को गत 20 दिसंबर को पद व गोपनीयता की शपथ दिलवाया था। गांवों में विकास कार्य भी शुरू हो गया था।
इसी बीच दो दिन पूर्व अधिकांश नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के खाते से 20 दिसंबर से 30 दिसंबर के बीच खाते से निकाले जाने की जानकारी हुई तो उनका माथा ठनका। ग्राम प्रधान संगठन के तत्वावधान में ग्राम प्रधानों ने खंड विकास अधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया।
लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने से गुस्साए ग्राम प्रधानों ने ब्लाक कार्यालय पर एडीओ पंचायत नीरज मिश्रा को गुरुवार को अपराह्न लगभग एक बजे बंधक बनाकर नारेबाजी करने लगे। ग्राम प्रधान चिल्ला-चिल्लाकर खाते से निकाले गए धन की रिकवरी की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मुस्तफाबाद ग्राम सभा के खाते से 1.82 लाख, लसरा से 1.17 लाख, गड़वा से 1.90 लाख, मानिकपुर से 13500 रुपये, अइलख से 1.24 लाख, रतनपुरा, पीपरसाथ से 18-18 हजार, छिछोर से 67 हजार, मझौली से 36 हजार रुपया निकाला गया है। ऐसा ही आरोप अन्य गांवों के भी ग्राम प्रधान चिल्ला-चिल्लाकर लगा रहे थे।
प्रदर्शनकारी ग्राम प्रधान यह भी कह रहे थे कि हैंडपंपों के मरम्मत तथा साफ सफाई के नाम पर धन निकाला गया है, लेकिन गांवों में हैंडपंप तो बिगड़े ही हैं। साफ सफाई के उपकरण भी नहीं खरीदे जा सके हैं। जब तक खर्च किया गया धन खाते में नहीं भेजा जाएगा तब तक खातों का संचालन नहीं किया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी अनुराग राय ने ग्राम प्रधानों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। प्रदर्शन करने वाले ग्राम प्रधानों में गड़वा के हरिकेश यादव, तरवां की नीता, गुलौरी के मुन्ना यादव, पीपरसाथ की सविता यादव, मुस्तफाबाद की पूनम सिंह, छिछोर के नसीम अहमद, सेमराजपुर के शिवजी सिंह, मोलनापुर की अनीता सिंह, मानिकपुर के देवेंद्र, साहूपुर की रंजना सिंह, मझौली की मालती यादव, अइलख के सुनील सिंह, बीबीपुर के बब्बन सिंह, लसरा की शारदा देवी आदि शामिल थे।