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Mau News: सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्र्यम्बके गौरी...
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नवरात्र के प्रथम दिन वनदेवी धाम पर सजा मां का दरबार।।संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। शारदीय नवरात्र के पहले दिन सोमवार को दुर्गा मंदिरों में भवानी शैल पुत्री की आराधना की गई। मां दुर्गा के प्रथम अवतार शैल पुत्री की पूजा के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
इस दौरान लोगों ने व्रत रखकर मां का पूजन अर्चन किया। नवरात्रि के मद्देनजर जिले के प्रमुख मंदिरों को काफी आकर्षक ढंग से सजाया गया था। इसके साथ ही प्रमुख मंदिरों पर भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
भक्तों ने पूजा के लिए पहले से ही सारी तैयारियां पूरी कर ली थीं। यही वजह थी कि पहले दिन पूजन अर्चन करने वाले भक्तों में अपूर्व उत्साह देखने को मिला। नवरात्र के पहले दिन खास तौर से वनदेवी धाम और शीतला माता धाम पर भारी संख्या में भक्तों की भीड़ देखी गई। दुर्गा के पहले अवतार शैल पुत्री को प्रकृति की देवी माना जाता है।
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देवी का यही स्वरूप भक्तों को पर्यावरण संतुलन की ओर प्रेरित करता है। मान्यता के अनुसार देवी का प्रथम अवतार सांस्कृतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, धार्मिक और वैज्ञानिक विचारों को प्रभावित करता है। मां दुर्गा के आराधना मात्र से ही मनुष्य के वैचारिक विकार दूर हो जाते हैं।
शास्त्रों, पुराणों के मुताबिक हिमालय की पुत्री होने के कारण ही दुर्गा के पहले अवतार का नाम शैलपुत्री पड़ा। प्रकृति के भावों को स्पष्ट करने के लिए ही देवी के प्रथम स्वरूप के रूप में मां शैल पुत्री की आराधना की जाती है।
नगर क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों शीतला माता धाम, फातिमा तिराहा स्थित दुर्गा मंदिर, रोडवेज स्थित मां दुर्गा मंदिर, कहिनौर गांव स्थित वनदेवी धाम, खुरहट स्थित सीरियापुर की देई मां मंदिर, कोपागंज स्थित दुर्गा मंदिर, मांदी सिपाह में कोयलमर्याद भवानी माई मंदिर, मधुबन क्षेत्र के निधियांव गांव स्थित अष्टभुजी मंदिर समेत जिले के अन्य गांवों में स्थित तमाम देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई।
यह श्रद्धालु कतारबद्ध होकर इलायची, नारियल, लचीदाना सहित मिष्ठान चढ़ाकर दर्शन पूजन कर रहे थे। खासतौर से वनदेवी धाम, शीतला धाम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिरों में सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए थे। दोहरीघाट : कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में स्थापित देवी मंदिरों में लोगों ने पूजन अर्चन किया। कस्बे के जानकीघाट पर स्थित दुर्गा मंदिर में भोर से पूजन अर्चन करने के लिए श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। वलीदपुर : क्षेत्र के देवलास, सियाबस्ती, भातकोल, इटौरा चौबेपुर सहित अन्य देवी मंदिरों मेें लोगों ने विधि विधान से मां दुर्गा का पूजन अर्चन किया। पिपरीडीह : नवरात्र के पहले दिन क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में स्थित मंदिरों में लोगों ने पारंपरिक तौर से मां दुर्गा की पूजा की। क्षेत्र के वनदेवी धाम पर दूरदराज से आए श्रद्धालुओं का सुबह से ही पूजन अर्चन करने के लिए तांता लगा रहा।
रानीपुर : नवरात्र के पहले दिन क्षेत्र के पलिगढ़, ब्राह्मणपुरा, मिर्जापुर, काझा, अकबरपुर, बड़ार सहित विभिन्न इलाकों के देवी मंदिरों में लोगों ने विधि विधान से पूजन किया। खुरहट स्थित सीरियापुर की देई मां मंदिर पर तड़के से ही मां का पूजन अर्चन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
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मऊ। शारदीय नवरात्र के पहले दिन सोमवार को दुर्गा मंदिरों में भवानी शैल पुत्री की आराधना की गई। मां दुर्गा के प्रथम अवतार शैल पुत्री की पूजा के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
इस दौरान लोगों ने व्रत रखकर मां का पूजन अर्चन किया। नवरात्रि के मद्देनजर जिले के प्रमुख मंदिरों को काफी आकर्षक ढंग से सजाया गया था। इसके साथ ही प्रमुख मंदिरों पर भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
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भक्तों ने पूजा के लिए पहले से ही सारी तैयारियां पूरी कर ली थीं। यही वजह थी कि पहले दिन पूजन अर्चन करने वाले भक्तों में अपूर्व उत्साह देखने को मिला। नवरात्र के पहले दिन खास तौर से वनदेवी धाम और शीतला माता धाम पर भारी संख्या में भक्तों की भीड़ देखी गई। दुर्गा के पहले अवतार शैल पुत्री को प्रकृति की देवी माना जाता है।
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देवी का यही स्वरूप भक्तों को पर्यावरण संतुलन की ओर प्रेरित करता है। मान्यता के अनुसार देवी का प्रथम अवतार सांस्कृतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, धार्मिक और वैज्ञानिक विचारों को प्रभावित करता है। मां दुर्गा के आराधना मात्र से ही मनुष्य के वैचारिक विकार दूर हो जाते हैं।
शास्त्रों, पुराणों के मुताबिक हिमालय की पुत्री होने के कारण ही दुर्गा के पहले अवतार का नाम शैलपुत्री पड़ा। प्रकृति के भावों को स्पष्ट करने के लिए ही देवी के प्रथम स्वरूप के रूप में मां शैल पुत्री की आराधना की जाती है।
नगर क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों शीतला माता धाम, फातिमा तिराहा स्थित दुर्गा मंदिर, रोडवेज स्थित मां दुर्गा मंदिर, कहिनौर गांव स्थित वनदेवी धाम, खुरहट स्थित सीरियापुर की देई मां मंदिर, कोपागंज स्थित दुर्गा मंदिर, मांदी सिपाह में कोयलमर्याद भवानी माई मंदिर, मधुबन क्षेत्र के निधियांव गांव स्थित अष्टभुजी मंदिर समेत जिले के अन्य गांवों में स्थित तमाम देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई।
यह श्रद्धालु कतारबद्ध होकर इलायची, नारियल, लचीदाना सहित मिष्ठान चढ़ाकर दर्शन पूजन कर रहे थे। खासतौर से वनदेवी धाम, शीतला धाम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिरों में सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए थे। दोहरीघाट : कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में स्थापित देवी मंदिरों में लोगों ने पूजन अर्चन किया। कस्बे के जानकीघाट पर स्थित दुर्गा मंदिर में भोर से पूजन अर्चन करने के लिए श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। वलीदपुर : क्षेत्र के देवलास, सियाबस्ती, भातकोल, इटौरा चौबेपुर सहित अन्य देवी मंदिरों मेें लोगों ने विधि विधान से मां दुर्गा का पूजन अर्चन किया। पिपरीडीह : नवरात्र के पहले दिन क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में स्थित मंदिरों में लोगों ने पारंपरिक तौर से मां दुर्गा की पूजा की। क्षेत्र के वनदेवी धाम पर दूरदराज से आए श्रद्धालुओं का सुबह से ही पूजन अर्चन करने के लिए तांता लगा रहा।
रानीपुर : नवरात्र के पहले दिन क्षेत्र के पलिगढ़, ब्राह्मणपुरा, मिर्जापुर, काझा, अकबरपुर, बड़ार सहित विभिन्न इलाकों के देवी मंदिरों में लोगों ने विधि विधान से पूजन किया। खुरहट स्थित सीरियापुर की देई मां मंदिर पर तड़के से ही मां का पूजन अर्चन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

नवरात्र के प्रथम दिन वनदेवी धाम पर सजा मां का दरबार।।संवाद

नवरात्र के प्रथम दिन वनदेवी धाम पर सजा मां का दरबार।।संवाद

नवरात्र के प्रथम दिन वनदेवी धाम पर सजा मां का दरबार।।संवाद