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अनुमोदन के बाद कई विभागों को नहीं मिल पाया बजट

Wed, 16 Mar 2022 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 16 Mar 2022 11:30 PM IST
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After approval, many departments could not get the budget
मऊ। जिला योजना में कई महत्वपूर्ण विभागों को बजट का अनुमोदन तो किया गया लेकिन उन विभागों को बजट अवमुक्त नहीं हो सका है। इसके विपरीत कई विभाग बजट मिलने के बावजूद उसे खर्च नहीं कर पाए। जिला योजना में सभी 41 विभागों के लिए कुल 30022 लाख का बजट अनुमोदित किया गया। इसमें से 8887 लाख रुपये अवमुक्त किए गए। जिला योजना में कृषि विभाग 26 लाख, गन्ना विकास 5.10 लाख ,सहकारिता 1080 लाख,ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम 1162.30 लाख,सामुदायिक विकास 142.66 लाख,राजकीय लघु सिंचाई 1684.15 लाख ,सड़क एवं पुल 2826.43 लाख,अतिरिक्त उर्जा स्रोत 7.10 लाख,खादी एवं ग्रामोद्योग , पर्यटन 410 लाख ,पर्यावरण 2.50 लाख , प्राथमिक शिक्षा 4749.94 लाख , माध्यमिक शिक्षा 359 लाख, प्राविधिक शिक्षा 42.13 लाख, प्रादेशिक विकास दल 82.48 लाख, खेलकूद 90.37 लाख ,परिवार कल्याण 205 लाख ,होम्योपैथी 152.60 लाख ,आयुर्वेद 171.25 लाख ,यूनानी 67.88 लाख, नगरीय पेय जल विकास 558.70 लाख , एलोपैथी 1983 लाख ,पिछड़ी जाति कल्याण402 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग 20 लाख का अनुमोदित किया गया है। लेकिन इन विभागों को कोई बजट नहीं मिला। इनमें से कई विभागों को सीधे शासन से धन अवमुक्त किया गया है जिला योजना के तहत गन्ना विकास विभाग को 5.10 लाख में से महज दस हजार रुपये अवमुक्त किए गए हैं। जिला योजना में पशुपालन विभाग को अनुमोदित 245.14 लाख के सापेक्ष 33.46 लाख, दुग्ध विकास को 42.57 लाख के सापेक्ष 1.96 लाख, वन विभाग को 548.78 लाख के सापेक्ष 233.79 लाख , मनरेगा को 7920. 81 लाख के सापेक्ष 7229.87 लाख ,पंचायती राज को 482.99 लाख के सापेक्ष 34.92 लाख ,नीजी लघु सिंचाई विभाग को 1482 लाख के सापेक्ष 34.36 लाख, ग्रामीण स्वच्छता को 591.60 लाख के सापेक्ष 591.60 और ग्रामीण आवास को 720 लाख के सापेक्ष सभी धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। समाज कल्याण,पिछड़ा वर्ग कल्याण,अल्पसंख्यक कल्याण, दिव्यांग कल्याण, निर्बल आवास, लोक कल्याण सहित कई विभागों को सीधे शासन से बजट मिला। जबकि गन्ना विकास, मनरेगा, वन विभाग और ग्रामीण स्वच्छता विभाग मिले बजट का शत प्रतिशत धनराशि खर्च कर चुके हैं। जिला अर्थ एवं सख्याधिकारी ददन कुमार ने बताया कि जिला योजना में कई विभागों को बजट का अनुमोदन किया जाता है लेकिन शासन के नियमानुसार कई विभागों को शासन से सीधे बजट का आवंटन कर दिया जाता है।उसकी सूचना जिला अर्थ एंव संख्या विभाग को नहीं दी जाती है।
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