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Mau News: 95 प्रतिशत सिंचाई होने के बाद नंदौर माइनर में आया पानी
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95 प्रतिशत सिंचाई के बाद पहुंचा नन्दौर माइनर में पानी।संवाद
दिसंबर महीने के 29 दिन बाद नंदौर माइनर में पानी छोड़ा गया, इससे किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना था कि लगभग 95 प्रतिशत सिंचाई कार्य पूरा कर लिया है, तो सिंचाई विभाग ने माइनर में पानी छोड़ा है।
समय से माइनर में किसानों की मांग के अनुरूप पानी छोड़े जाने की मांग की है। फतहपुर मंडाव ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से नंदौर माइनर नंदौर, महुंई, फतहपुर मंडाव, अलीपुर, मुस्तफाबाद होते हुए गुजरी है।
दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह से फसल की सिंचाई चल रही है। किसानोंं के अनुसार लगभग 95 प्रतिशत किसानों ने सिंचाई कर लिया है। सिंचाई विभाग ने माइनर की सिल्ट सफाई के बाद मंगलवार को पानी छोड़ा है।
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इस संबंध में किसान शिवसागर राजभर, सोनू, आलोक, रामप्रवेश का कहना है कि किसानों की जरूरत के अनुसार माइनर में पानी छोड़ा ही नहीं जाता है। जब 95 प्रतिशत किसानाें ने फसल की सिंचाई का कार्य पूरा कर लिया है। विभागीय लापरवाही से खेती की लागत बढ़ रही है।
किसानों की मांग के अनुरूप माइनर में पानी छोड़ा जाना चाहिए। इसी क्रम में संजय यादव, अशोक यादव, बब्बन यादव का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को अवगत कराए जाने के बाद भी माइनर में देरी से पानी छोड़ा गया।
इससे पंपिंगसेट से फसल की सिंचाई करनी पड़ी है। इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज सिंह का कहना है कि किसानाें की डिमांड के अनुसार ही नहर में पानी छो़ड़ा जाता है।
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समय से माइनर में किसानों की मांग के अनुरूप पानी छोड़े जाने की मांग की है। फतहपुर मंडाव ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से नंदौर माइनर नंदौर, महुंई, फतहपुर मंडाव, अलीपुर, मुस्तफाबाद होते हुए गुजरी है।
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दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह से फसल की सिंचाई चल रही है। किसानोंं के अनुसार लगभग 95 प्रतिशत किसानों ने सिंचाई कर लिया है। सिंचाई विभाग ने माइनर की सिल्ट सफाई के बाद मंगलवार को पानी छोड़ा है।
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इस संबंध में किसान शिवसागर राजभर, सोनू, आलोक, रामप्रवेश का कहना है कि किसानों की जरूरत के अनुसार माइनर में पानी छोड़ा ही नहीं जाता है। जब 95 प्रतिशत किसानाें ने फसल की सिंचाई का कार्य पूरा कर लिया है। विभागीय लापरवाही से खेती की लागत बढ़ रही है।
किसानों की मांग के अनुरूप माइनर में पानी छोड़ा जाना चाहिए। इसी क्रम में संजय यादव, अशोक यादव, बब्बन यादव का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को अवगत कराए जाने के बाद भी माइनर में देरी से पानी छोड़ा गया।
इससे पंपिंगसेट से फसल की सिंचाई करनी पड़ी है। इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज सिंह का कहना है कि किसानाें की डिमांड के अनुसार ही नहर में पानी छो़ड़ा जाता है।