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Mau News: हापुड़ कांड को लेकर आंदोलन का समर्थन करते रहेंगे अधिवक्ता
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सिविल कोर्ट सेन्ट्रल बार एसोसिएशन की आमसभा की बैठक मंगलवार को संघ के पुस्तकालय भवन में हुई। इसमें बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की ओर से हापुड़ कांड को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन की रूपरेखा तय कर मांगे गए प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
बैठक मे अधिवक्ताओं ने हापुड़ जिले के अधिवक्ताओं के आंदोलन का समर्थन करने के साथ ही बार काउंसिल इस आंदोलन को लेकर जो भी रूपरेखा तय करेगी उसका पालन करने का निर्णय लिया। अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पासकर बार काउंसिल को भेजा। उक्त घटना को लेकर अधिवक्ता लगातार तेरहवें दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे।
अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार के चलते वादकारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड रहां है। बैठक में अधिवक्ताओं की राय लेने के बाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शमसुल हसन ने बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिवकिशोर गौंड तथा सदस्यों द्वारा हापुड़ कांड पर लिए गए ऐतिहासिक निर्णय पर धन्यवाद दिया।
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कहा कि बार काउंसिल इस संबंध मे जो भी निर्णय मांगों को पूरा करने के लिए लेगी जिले के अधिवक्ता पालन करेंगे। अधिवक्ताओं ने शासन से मांग की कि हापुड़ के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का अविलंब स्थानांतरण किया जाए। घटना के जिम्मेदार नामित अधिकारियों का निलंबन किया जाए।
अधिवक्ताओं के विरुद्ध पुलिस ने मनगढ़ंत झूठी कहानी बनाकर जो भी मुकदमे दर्ज किए हैं, उसे स्पंज किया जाय। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट विधानसभा से पारित कराकर उसे लागू किया जाय। हापुड़ के घायल अधिवक्ताओं को देखने प्रदेश सरकार का कोई भी मंत्री अस्पताल में नहीं गया, न ही उनके दवाई इलाज के लिए कोई व्यवस्था किया गया।
इस लिए प्रत्येक घायलों को 25-25 लाख रुपए का मुआवजा दिलाया जाय। प्रदेश के समस्त अधिवक्ताओं को आयुष्मान कार्ड सूची में शामिल कर उन्हे आयुष्मान कार्ड प्रदान किया जाय। तथा अधिवक्ताओं के साथ कभी कोई पुलिस उत्पीड़न न हो उसके लिए एक ठोस निर्णय लिया जाय।
बार के अध्यक्ष ने कहा जब तक मांगे पूरी नहींं होगी अधिवक्ता बार काउंसिल के निर्देश का पालन करते रहेंगे। अध्यक्षता बार के अध्यक्ष शमसुल हसन और संचालन महामंत्री हरिद्वार राय ने किया। बैठक में अमरनाथ सिंह, लालजी पांडेय, विनोद कुमार पांडेय, फतेह बहादुर सिंह, राकेश मिश्रा, फूलबदन यादव, राजेन्द्र राय, अरविंद तिवारी, सूर्यनाथ यादव, मानसिंह यादव, प्रदीप सिंह, लक्ष्मीकांत यादव, विनोद कुमार सिंह आदि अधिवक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
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बैठक मे अधिवक्ताओं ने हापुड़ जिले के अधिवक्ताओं के आंदोलन का समर्थन करने के साथ ही बार काउंसिल इस आंदोलन को लेकर जो भी रूपरेखा तय करेगी उसका पालन करने का निर्णय लिया। अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पासकर बार काउंसिल को भेजा। उक्त घटना को लेकर अधिवक्ता लगातार तेरहवें दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे।
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अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार के चलते वादकारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड रहां है। बैठक में अधिवक्ताओं की राय लेने के बाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शमसुल हसन ने बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिवकिशोर गौंड तथा सदस्यों द्वारा हापुड़ कांड पर लिए गए ऐतिहासिक निर्णय पर धन्यवाद दिया।
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कहा कि बार काउंसिल इस संबंध मे जो भी निर्णय मांगों को पूरा करने के लिए लेगी जिले के अधिवक्ता पालन करेंगे। अधिवक्ताओं ने शासन से मांग की कि हापुड़ के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का अविलंब स्थानांतरण किया जाए। घटना के जिम्मेदार नामित अधिकारियों का निलंबन किया जाए।
अधिवक्ताओं के विरुद्ध पुलिस ने मनगढ़ंत झूठी कहानी बनाकर जो भी मुकदमे दर्ज किए हैं, उसे स्पंज किया जाय। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट विधानसभा से पारित कराकर उसे लागू किया जाय। हापुड़ के घायल अधिवक्ताओं को देखने प्रदेश सरकार का कोई भी मंत्री अस्पताल में नहीं गया, न ही उनके दवाई इलाज के लिए कोई व्यवस्था किया गया।
इस लिए प्रत्येक घायलों को 25-25 लाख रुपए का मुआवजा दिलाया जाय। प्रदेश के समस्त अधिवक्ताओं को आयुष्मान कार्ड सूची में शामिल कर उन्हे आयुष्मान कार्ड प्रदान किया जाय। तथा अधिवक्ताओं के साथ कभी कोई पुलिस उत्पीड़न न हो उसके लिए एक ठोस निर्णय लिया जाय।
बार के अध्यक्ष ने कहा जब तक मांगे पूरी नहींं होगी अधिवक्ता बार काउंसिल के निर्देश का पालन करते रहेंगे। अध्यक्षता बार के अध्यक्ष शमसुल हसन और संचालन महामंत्री हरिद्वार राय ने किया। बैठक में अमरनाथ सिंह, लालजी पांडेय, विनोद कुमार पांडेय, फतेह बहादुर सिंह, राकेश मिश्रा, फूलबदन यादव, राजेन्द्र राय, अरविंद तिवारी, सूर्यनाथ यादव, मानसिंह यादव, प्रदीप सिंह, लक्ष्मीकांत यादव, विनोद कुमार सिंह आदि अधिवक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।