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Mau News: परिषदीय जूनियर हाईस्कूल में बालकों का नहीं लिया जा रहा एडमिशन
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कोपागंज। स्थानीय नगर पंचायत क्षेत्र के दोस्तपुरा मुहल्ला स्थित परिषदीय जूनियर हाईस्कूल के पांच वर्ष पूर्व सह शिक्षा घोषित होने के बाद भी बालकों को प्रवेश से वंचित किया जा रहा है। प्रवेश से वंचित होने पर छात्र इधर-उधर भटकने के लिए विवश हैं।
कोपागंज नगर पंचायत दोस्तपुरा मुहल्ला स्थित कन्या जूनियर हाईस्कूल है। इसी कैंपस में परिषदीय प्राथमिक विद्यालय भी है। लोगो की मांग पर पांच वर्ष पूर्व कन्या जूनियर हाईस्कूल को कन्या विद्यालय से सह शिक्षा विद्यालय में बदल दिया गया था। तभी से बालक, बालिकाएं जूनियर की पढ़ाई के साथ-साथ करते आ रहे हैं। इसके बावजूद इस वर्ष कक्षा छह में बालकों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। जब अभिवावक अपने बच्चे के कक्षा छह में प्रवेश के लिए जा रहे हैं तो अध्यापकों द्वारा केवल बालिका का ही प्रवेश लेने की बात कहते हुए उन्हें वापस भेज दिया जा रहा है। इसी विद्यालय से कक्षा पांच से पास छात्र कक्षा छह में प्रवेश के लिए इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर हैं। इस संबंध में क्षेत्र के राम किशुन साहनी, आनंद शर्मा, राजेंद्र कुशवाहा, समर विश्वकर्मा, प्रेम सागर का कहना है कि इसी विद्यालय से कक्षा पांच पास उत्तीर्ण बच्चे कक्षा छह में अध्यापकों की मनमानी के चलते इधर-उधर भटकने के लिए विवश हैं। जब सरकार द्वारा इस विद्यालय को सहशिक्षा के लिए घोषित किया है तो बालकों का प्रवेश क्यों नहीं हो रहा है। शिकायत के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी का कहना है कि मामला सज्ञान मेंं नहीं आया है। सोमवार को मौके पर पहुंचकर मामले को सुलझा दिया जाएगा।
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कोपागंज नगर पंचायत दोस्तपुरा मुहल्ला स्थित कन्या जूनियर हाईस्कूल है। इसी कैंपस में परिषदीय प्राथमिक विद्यालय भी है। लोगो की मांग पर पांच वर्ष पूर्व कन्या जूनियर हाईस्कूल को कन्या विद्यालय से सह शिक्षा विद्यालय में बदल दिया गया था। तभी से बालक, बालिकाएं जूनियर की पढ़ाई के साथ-साथ करते आ रहे हैं। इसके बावजूद इस वर्ष कक्षा छह में बालकों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। जब अभिवावक अपने बच्चे के कक्षा छह में प्रवेश के लिए जा रहे हैं तो अध्यापकों द्वारा केवल बालिका का ही प्रवेश लेने की बात कहते हुए उन्हें वापस भेज दिया जा रहा है। इसी विद्यालय से कक्षा पांच से पास छात्र कक्षा छह में प्रवेश के लिए इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर हैं। इस संबंध में क्षेत्र के राम किशुन साहनी, आनंद शर्मा, राजेंद्र कुशवाहा, समर विश्वकर्मा, प्रेम सागर का कहना है कि इसी विद्यालय से कक्षा पांच पास उत्तीर्ण बच्चे कक्षा छह में अध्यापकों की मनमानी के चलते इधर-उधर भटकने के लिए विवश हैं। जब सरकार द्वारा इस विद्यालय को सहशिक्षा के लिए घोषित किया है तो बालकों का प्रवेश क्यों नहीं हो रहा है। शिकायत के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी का कहना है कि मामला सज्ञान मेंं नहीं आया है। सोमवार को मौके पर पहुंचकर मामले को सुलझा दिया जाएगा।
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