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परीक्षा में ड्यूटी न करने वाले कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ होगी कार्रवाई
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परीक्षा में ड्यूटी न करने वाले कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ होगी कार्रवाई
मान्यता प्राप्त स्कूलों के लापरवाह शिक्षकों पर भी होगी सख्ती
परीक्षा से संबंधित विषय में जानकार शिक्षक नहीं कर पाएंगे ड्यूटी
नियम का अनुपालन न होने पर नपेंगे केंद्र व्यवस्थापक
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा में राजकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी न करना महंगा पड़ सकता है। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी से अनुपस्थित मिलने की स्थिति में शासन की तरफ से कड़ी कार्रवाई करने का फरमान जारी किया गया है।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए जिले में 135 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड परीक्षा में 93067 परीक्षार्थी शामिल होंगे। यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 में नकल रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सभी नियमों में सख्ती की है। परीक्षा में राजकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त कॅालेजों से 6500 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। पहले मान्यता प्राप्त माध्यमिक कॉलेजों में तैनात शिक्षक कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी से नाम कटवा लेते थे। लेकिन इस बार शासन ने सख्त रवैया अपनाया है। विभाग को बिना स्पष्ट कारण बताए परीक्षा ड्यूटी से नदारद मिलने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिस विषय की परीक्षा होगी उसके जानकर शिक्षक को कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
अधिकारियों के निरीक्षण में परीक्षा से संबंधित विषय के जानकर शिक्षक कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करते मिलने पर संबंधित केंद्र व्यवस्थापक पर कार्रवाई होगी। यदि एक कक्ष में 40 परीक्षार्थी से ज्यादा है तो वहां दो के स्थान पर तीन कक्ष निरीक्षक लगाए जाएंगे। अभी तक महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षा में उन विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई जाती थी। इस बार समस्त विषयों की परीक्षा में यह नियम लागू होंगे।
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इस बाबत डीआईओएस राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि समस्त केंद्र व्यवस्थापक तथा प्रधानाचार्यों को गाइड लाइन का अनुपालन करने के लिए निर्देश दे दिया गया है।
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मान्यता प्राप्त स्कूलों के लापरवाह शिक्षकों पर भी होगी सख्ती
परीक्षा से संबंधित विषय में जानकार शिक्षक नहीं कर पाएंगे ड्यूटी
नियम का अनुपालन न होने पर नपेंगे केंद्र व्यवस्थापक
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा में राजकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी न करना महंगा पड़ सकता है। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी से अनुपस्थित मिलने की स्थिति में शासन की तरफ से कड़ी कार्रवाई करने का फरमान जारी किया गया है।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने के लिए जिले में 135 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड परीक्षा में 93067 परीक्षार्थी शामिल होंगे। यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 में नकल रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सभी नियमों में सख्ती की है। परीक्षा में राजकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त कॅालेजों से 6500 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। पहले मान्यता प्राप्त माध्यमिक कॉलेजों में तैनात शिक्षक कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी से नाम कटवा लेते थे। लेकिन इस बार शासन ने सख्त रवैया अपनाया है। विभाग को बिना स्पष्ट कारण बताए परीक्षा ड्यूटी से नदारद मिलने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिस विषय की परीक्षा होगी उसके जानकर शिक्षक को कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
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अधिकारियों के निरीक्षण में परीक्षा से संबंधित विषय के जानकर शिक्षक कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करते मिलने पर संबंधित केंद्र व्यवस्थापक पर कार्रवाई होगी। यदि एक कक्ष में 40 परीक्षार्थी से ज्यादा है तो वहां दो के स्थान पर तीन कक्ष निरीक्षक लगाए जाएंगे। अभी तक महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षा में उन विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई जाती थी। इस बार समस्त विषयों की परीक्षा में यह नियम लागू होंगे।
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इस बाबत डीआईओएस राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि समस्त केंद्र व्यवस्थापक तथा प्रधानाचार्यों को गाइड लाइन का अनुपालन करने के लिए निर्देश दे दिया गया है।