मधुबन। तहसील क्षेत्र के देवारा में सरयू नदी का जलस्तर अब तेजी से घटने लगा है, इससे गांवों और खेतों में फैले बाढ़ के पानी में भी कमी आई है। हालांकि, बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी ग्रामीणों की मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। कई संपर्क मार्गों पर जलभराव होने से लोगों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। स्थानीय तहसील क्षेत्र के नुरुल्लाहपुर, नकीहवा, राजीव चौक समेत 12 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला सिकड़ीकोल बंधा मुख्य मार्ग अभी भी कई स्थानों पर जलमग्न है। इससे हजारों की आबादी का आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों के अनुसार सिकड़ीकोल बंधा मार्ग देवारा क्षेत्र की लाइफलाइन है। मार्ग पर कई स्थानों पर अब भी जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के साथ विद्यालय जाने वाले बच्चों को भी इसी जलभराव के बीच आने-जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।हरे चारे का संकट लगातार बढ़ रहा है। इस संबंध में प्रभुनाथ यादव, रामवृक्ष, रामचंद्र यादव, चंद्रशेखर यादव, शिवलाल, हंसराज का कहना कि पानी कम होने से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन खेतों में अभी भी पानी भरा है। इससे धान और अन्य फसलों के बर्बाद होने की आशंका है। गन्ने की फसल बचने की उम्मीद है, लेकिन धान समेत अन्य फसलें लंबे समय तक पानी में डूबे रहने के कारण सड़कर नष्ट हो सकती हैं। इस बीच सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से गिरावट लोगों ने राहत की सांस ली है। मंगलवार सुबह आठ बजे हाहानाला रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 65.25 मीटर रिकार्ड किया गया। सोमवार सुबह आठ बजे यह 66.90 मीटर दर्ज किया गया था। इस तरह 24 घंटे में जलस्तर 1.65 मीटर घटा। यहां खतरा बिंदु 66.31 मीटर है। वर्तमान में नदी खतरा बिंदु से 1.06 मीटर नीचे बह रही थी।