दोहरीघाट। शारदीय नवरात्र पर मातेश्वरी परिवार की तरफ से कस्बा स्थित मातेश्वरी महाधाम पर आयोजित 10 दिवसीय आदि शक्ति अखंड महायज्ञ के सातवें दिन सद्गुरु महाराज ने कहा कि सत्संग करने वाला व्यक्ति हमेशा पूजनीय और वंदनीय होता है।
सद्गुरु महाराज ने कहा कि मनुष्य रूपी यह शरीर जो हमें प्राप्त है वह अनमोल है। यह पांच तत्वों से बना हुआ है। जीवन जीने के लिए उस परम सत्ता की ओर से हमें जल, वायु, प्रकाश निशुल्क मिला है, इसकी कोई कीमत परम सत्ता की ओर से नहीं ली जाती। एक-एक सांस अनमोल है, इसकी बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। यह कब तक शरीर में रहेगा कोई गारंटी नहीं है जो समय मिला है उसका भरपूर सदुपयोग करना चाहिए। कहा कि अपने अंदर छुपे सबसे बड़ा बाधक काम, क्रोध, मद, लोभ आदि बुराइयों को दूर करने वाला मात्र सद्गुरु का चरण ही है। जो इन बुराइयों से मुक्ति दिला सकते हैं। इसलिए सद्गुरु को भगवान से ऊपर का दर्जा दिया गया है। सद्गुरु का चरण ही ऐसा स्थान है जो बिना मांगे ही सब कुछ मिल जाता है। इसके अतिरिक्त जुआ, शराब आदि गलत आदतों को पूरा करने के लिए पैसों की भी जरूरत होती है। सद्गुरु के चरणों में जितनी बड़ी श्रद्धा होती है उतना ही बड़ी शक्ति प्राप्त होती है। बिना विश्वास के कुछ भी नहीं हो सकता है। जीवन में हमेशा समर्पण से ही कुछ प्राप्त किया जा सकता है।