{"_id":"6839f74c3b22c7142b01c786","slug":"a-call-team-will-go-to-the-homes-of-children-who-do-not-come-to-school-for-three-days-mau-news-c-295-1-svns1028-128590-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: तीन दिन तक स्कूल नहीं आने वाले बच्चों के घर जाएगी बुलावा टोली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: तीन दिन तक स्कूल नहीं आने वाले बच्चों के घर जाएगी बुलावा टोली
विज्ञापन
मऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में बिना कारण तीन दिन तक अनुपस्थित रहने पर बच्चे को अब बुलावा टोली उनके घर जाकर कारण जानेगी। अनुचित कारण मिलने पर टीम विद्यार्थी को घर से स्कूल अपने साथ लेकर आएगी। इसके बाद उसकी काउंसलिंग की जाएगी। वहीं महीने भर से अधिक अनुपस्थित रहने पर छात्र ड्रॉप आउट माना जाएगा।
जिले में 1208 परिषदीय विद्यालयों में लगभग 1.31 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालयों में बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। जो बच्चा तीन दिन तक बिना कारण विद्यालय नहीं आएगा, उसके घर बुलावा टोली कारण जानने जाएगी। यदि कोई बच्चा छह या उससे ज्यादा दिन तक अनुपस्थित रहता है तो प्रधानाध्यापक उसके घर जाकर संपर्क करेंगे।
यही नहीं अब जिले में सर्वाधिक और न्यूनतम उपस्थिति वाले 10-10 परिषदीय स्कूलों की सूची भी तैयार की जाएगी। इन विद्यालयों का खंड शिक्षा अधिकारी निरीक्षण करेंगे। 30 दिन से अधिक दिन तक अनुपस्थित रहने और नेट मूल्यांकन में 35 से कम अंक मिलने पर बच्चों के माता-पिता की भी काउंसलिंग की जाएगी। ऐसे बच्चों को ड्रॉपआउट मानते हुए उनकी उपचारात्मक कक्षाएं चलाई जाएगी। इस बाबत जिला समन्वयक समग्र शिक्षा आलोक कुमार सिंह का कहना है कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ ही समस्त प्रधानाध्यापकों को अवगत करा दिया गया है। स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए सख्ती की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में 1208 परिषदीय विद्यालयों में लगभग 1.31 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालयों में बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। जो बच्चा तीन दिन तक बिना कारण विद्यालय नहीं आएगा, उसके घर बुलावा टोली कारण जानने जाएगी। यदि कोई बच्चा छह या उससे ज्यादा दिन तक अनुपस्थित रहता है तो प्रधानाध्यापक उसके घर जाकर संपर्क करेंगे।
विज्ञापन
यही नहीं अब जिले में सर्वाधिक और न्यूनतम उपस्थिति वाले 10-10 परिषदीय स्कूलों की सूची भी तैयार की जाएगी। इन विद्यालयों का खंड शिक्षा अधिकारी निरीक्षण करेंगे। 30 दिन से अधिक दिन तक अनुपस्थित रहने और नेट मूल्यांकन में 35 से कम अंक मिलने पर बच्चों के माता-पिता की भी काउंसलिंग की जाएगी। ऐसे बच्चों को ड्रॉपआउट मानते हुए उनकी उपचारात्मक कक्षाएं चलाई जाएगी। इस बाबत जिला समन्वयक समग्र शिक्षा आलोक कुमार सिंह का कहना है कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ ही समस्त प्रधानाध्यापकों को अवगत करा दिया गया है। स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए सख्ती की जाएगी।
विज्ञापन