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ठंड ने ठिठुरन बढ़ाई, नहीं जल रहे अलाव
Mau
Updated Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
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मऊ। जिले में बर्फीली हवाओं के चलने से एक बार फिर हाड़कंपाने वाली ठंड पड़ने लगी है। कोहरे और गलन से लोग घराें में ही दुबके रहे। दोपहर बाद भी भगवान भास्कर के दर्शन न होने से लोग दिन भर ठिठुरते रहे। कोहरे के कारण सवारी वाहनों के संचालन पर असर पड़ रहा है। वहीं ट्रेनों की लेट लतीफी भी जारी रहने से प्लेटफार्म पर यात्री कांपते नजर आए। बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था तक नहीं की जा सकी है।
पारा लुढ़कने का क्रम बरकरार है। कोहरा और सर्द हवाएं चलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी मार्निगिं स्कूल जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ रही है। कोहरे के चलते भोर में चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने से महानगरों की ओर जाने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ट्रेनों के विलंब से चलने की वजह से प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत यात्रियों के लिए एक-एक पल बीताना भारी पड़ रहा है। घना कोहरा होने से बसों और ट्रेनों की गति धीमी होने से लोग निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रशासन द्वारा सभी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की अभी तक कोई व्यवस्था न होने से गरीबों का जीना दूभर हो गया है। वहीं इन दिनों एलर्जी, सर्दी जुकाम, कोल्ड डायरिया, चेस्ट पेन, अस्थमा आदि बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। इसके बाद भी सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज भगवान भरोसे होे रहा है। हाड़ कंपाने वाली ठंड के खौफ से पटरी दुकानदार भी शाम होते ही अपनी दुकान समेटकर घरों की ओर रवाना हो जा रहे हैं।
फसलों में रोग लगने से किसान चिंतित
कुसुम्हा। शीतलहर दुबारा शुरू होने से आलू सहित अन्य फसलों पर असर पड़ने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। कृषि रक्षा इकाई केंद्र दोहरीघाट पर रासायनिक दवाओं का अभाव है। किसान नेता शांतानंद राय, जनार्दन प्रसाद, श्रीकिशुन यादव का कहना है कि कृषि रक्षा इकाई पर रासायनिक दवा न होने से निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खरीदना सबके वश की बात नहीं है। समस्या का समाधान अविलंब नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
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पारा लुढ़कने का क्रम बरकरार है। कोहरा और सर्द हवाएं चलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी मार्निगिं स्कूल जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ रही है। कोहरे के चलते भोर में चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने से महानगरों की ओर जाने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ट्रेनों के विलंब से चलने की वजह से प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत यात्रियों के लिए एक-एक पल बीताना भारी पड़ रहा है। घना कोहरा होने से बसों और ट्रेनों की गति धीमी होने से लोग निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रशासन द्वारा सभी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की अभी तक कोई व्यवस्था न होने से गरीबों का जीना दूभर हो गया है। वहीं इन दिनों एलर्जी, सर्दी जुकाम, कोल्ड डायरिया, चेस्ट पेन, अस्थमा आदि बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। इसके बाद भी सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज भगवान भरोसे होे रहा है। हाड़ कंपाने वाली ठंड के खौफ से पटरी दुकानदार भी शाम होते ही अपनी दुकान समेटकर घरों की ओर रवाना हो जा रहे हैं।
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फसलों में रोग लगने से किसान चिंतित
कुसुम्हा। शीतलहर दुबारा शुरू होने से आलू सहित अन्य फसलों पर असर पड़ने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। कृषि रक्षा इकाई केंद्र दोहरीघाट पर रासायनिक दवाओं का अभाव है। किसान नेता शांतानंद राय, जनार्दन प्रसाद, श्रीकिशुन यादव का कहना है कि कृषि रक्षा इकाई पर रासायनिक दवा न होने से निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खरीदना सबके वश की बात नहीं है। समस्या का समाधान अविलंब नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
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