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बलिया में बसपा नेता की हत्या का मामला
Mau
Updated Mon, 01 Sep 2014 05:30 AM IST
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मर्यादपुर। बसपा नेता परशुराम तिवारी एवं उनके पिता सेवानिवृत्ति शिक्षक विंदेश्वरी की बलिया में हुई हत्या की सूचना मिलते ही गांव बांसतरांव में मातम छा मच गया। हत्या की सूचना मिलते ही मऊ बसपा इकाई के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मधुबन की ओर रवाना हो गए। ग्रामीणों का रुख और बसपा नेता की हत्या का मामला होने से पुलिस सतर्क हो गई। डबल मर्डर से गांव में किसी प्रकार का कोई आक्र ोश न भड़के इसके चलते मौके पर थानाध्यक्ष परमानंद मिश्र मयफोर्स के साथ पहुंच गए। बलिया पुलिस के अनुसार दोनों को पट्टीदारी के विवाद में गोली मारी गई है।
मधुबन थाना क्षेत्र के बांसगांव निवासी परशुराम तिवारी बसपा के ब्राह्मण सभा के पदाधिकारी थे। उनके पिता विंदेश्वरी तिवारी सेवानिवृत्त शिक्षक थे। रविवार को दोनों बेलौली गांव की गिरीशचंद तिवारी की बहू का दाह संस्कार करने के लिए बलिया गए हुए थे। क्रियाक्रम के बाद घर लौटते समय बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही उनके गांव बांसगांव पर सनसनी फैल गई। सैकड़ों बसपा नेताओं के साथ ही ग्रामीण जुट गए।
डबल मर्डर की सूचना पर गांव में किसी प्रकार का कोई आक्र ोश न भड़के इसके चलते मौके पर थानाध्यक्ष परमानंद मिश्र मयफोर्स के साथ पहुंच गए। बेलौली पुलिस चौकी पर भी सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। बसपा नेता के चाचा और भतीजे साथ में
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लोग बाप-बेटे के शव का इंतजार कर रहे हैं और पल पल की जानकारी ले रहे हैं। परशुराम तिवारी की पत्नी सुधा तो घटना की सूचना मिलते ही सुधबुध खो बैठी। उसकी एक बेटी अपने मां से लिपट कर बिलख रही है। परशुराम की मां जगपाती देवी उम्र के आखिरी पड़ाव में पति और बेटे की मौत की सूचना से सदमे में हैं। गांव में पीड़ित परिवार के करुण क्रंदन से पूरा गांव मातम में डूबा है।
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मधुबन थाना क्षेत्र के बांसगांव निवासी परशुराम तिवारी बसपा के ब्राह्मण सभा के पदाधिकारी थे। उनके पिता विंदेश्वरी तिवारी सेवानिवृत्त शिक्षक थे। रविवार को दोनों बेलौली गांव की गिरीशचंद तिवारी की बहू का दाह संस्कार करने के लिए बलिया गए हुए थे। क्रियाक्रम के बाद घर लौटते समय बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही उनके गांव बांसगांव पर सनसनी फैल गई। सैकड़ों बसपा नेताओं के साथ ही ग्रामीण जुट गए।
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डबल मर्डर की सूचना पर गांव में किसी प्रकार का कोई आक्र ोश न भड़के इसके चलते मौके पर थानाध्यक्ष परमानंद मिश्र मयफोर्स के साथ पहुंच गए। बेलौली पुलिस चौकी पर भी सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। बसपा नेता के चाचा और भतीजे साथ में
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लोग बाप-बेटे के शव का इंतजार कर रहे हैं और पल पल की जानकारी ले रहे हैं। परशुराम तिवारी की पत्नी सुधा तो घटना की सूचना मिलते ही सुधबुध खो बैठी। उसकी एक बेटी अपने मां से लिपट कर बिलख रही है। परशुराम की मां जगपाती देवी उम्र के आखिरी पड़ाव में पति और बेटे की मौत की सूचना से सदमे में हैं। गांव में पीड़ित परिवार के करुण क्रंदन से पूरा गांव मातम में डूबा है।