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लड़कियों ने लहराया सफलता का परचम
Mau
Updated Mon, 26 May 2014 05:34 AM IST
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मऊ । यूपी बोर्ड की बारहवीं में लड़कियों का दबदबा रहा। स्वामी विवेकानंद इंटर कोलज मधुबन की छात्रा प्रियंका यादव ने 94.08 प्रतिशत अंक हासिल किया है। उसकी इस उपलब्धि पर जिले को खुशी है। इसी कालेज की रानी सिंह तथा उत्कर्ष दूसरे नंबर पर रहे। दोनों को 94.06 प्रतिशत अंक हासिल किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक सुनील दत्त ने बताया कि 87.57 प्रतिशत उत्तीर्ण कुल परीक्षार्थियों में लड़कियों ने ही बाजी मारी है।
इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम रविवार को घोषित हो गया। इस बार जिला 70वें पायदान है। जिले में 14 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त सहित 314 मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं। अधिकांश का परीक्षा परिणाम शतप्रतिशत रहा। वर्ष 2014 की बोर्ड परीक्षा में 62,834 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। जिसमें 35782 बालक तथा 27052 बालिकाओं ने परीक्षा दी थी। इस बार कई विद्यालयों के दर्जनों छात्र-छात्राएं 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाने में सफल रहे। रिजल्ट को लेकर रविवार को सुबह से परीक्षार्थियों की धड़कनें तेज थीं। रिजल्ट देखने के बाद उनकी बाछें खिल उठीं। छात्रों की कामयाबी का गुणगान विद्यालय परिवार एवं परिजन भले ही करते दिखे, लेकिन कई छात्र अपने अंक से संतुष्ट नहीं थे। उनकी मानें तो भाग्य ने उनके साथ कहीं न कहीं धोखा किया है। विद्यालय के सबसे मेधावी छात्र कहे जाने वाले भी मेरिट सूची में कहीं-कहीं कम अंक पाकर दूसरे, तीसरे तथा चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। मेरिट वालों की बात छोड़ दें तो यही हाल 60 फीसदी के आसपास अंक पाने वालों का है। ऐसे छात्र भी पढ़ाई के दौरान की गई लापरवाही को अब महसूस कर रहे हैं। परीक्षाफल घोषित होने के बाद कई घरों में खुशी मनाई गई, मिठाइयां बंटी और माता-पिता ने अपने बच्चों को आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया, तो कुछ घरों में लाडलों के अंक कम आने से मायूसी छाई रही।
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इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम रविवार को घोषित हो गया। इस बार जिला 70वें पायदान है। जिले में 14 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त सहित 314 मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं। अधिकांश का परीक्षा परिणाम शतप्रतिशत रहा। वर्ष 2014 की बोर्ड परीक्षा में 62,834 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। जिसमें 35782 बालक तथा 27052 बालिकाओं ने परीक्षा दी थी। इस बार कई विद्यालयों के दर्जनों छात्र-छात्राएं 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाने में सफल रहे। रिजल्ट को लेकर रविवार को सुबह से परीक्षार्थियों की धड़कनें तेज थीं। रिजल्ट देखने के बाद उनकी बाछें खिल उठीं। छात्रों की कामयाबी का गुणगान विद्यालय परिवार एवं परिजन भले ही करते दिखे, लेकिन कई छात्र अपने अंक से संतुष्ट नहीं थे। उनकी मानें तो भाग्य ने उनके साथ कहीं न कहीं धोखा किया है। विद्यालय के सबसे मेधावी छात्र कहे जाने वाले भी मेरिट सूची में कहीं-कहीं कम अंक पाकर दूसरे, तीसरे तथा चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। मेरिट वालों की बात छोड़ दें तो यही हाल 60 फीसदी के आसपास अंक पाने वालों का है। ऐसे छात्र भी पढ़ाई के दौरान की गई लापरवाही को अब महसूस कर रहे हैं। परीक्षाफल घोषित होने के बाद कई घरों में खुशी मनाई गई, मिठाइयां बंटी और माता-पिता ने अपने बच्चों को आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया, तो कुछ घरों में लाडलों के अंक कम आने से मायूसी छाई रही।
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