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जिले में बिना लक्षण वाले 98 मरीज हैं होम आईसोलेट

Sat, 08 Aug 2020 10:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2020 10:24 PM IST
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98 non-symptomatic home islets in the district
मऊ। जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा हैं। जिले में अब तक 657 मरीज मिल चुके हैं। इसमें 432 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। वहीं 98 मरीज जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव तो मिली हैं, लेकिन उनमें कोविड-19 का कोई लक्षण नहीं हैं। यह मरीज कुछ मानक को पूरा करते हुए होम आईसोलेट हैं। जिनका उपचार चिकित्सकों की टीम द्वारा किया जा रहा हैं।
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बीते जुलाई माह में प्रदेश सरकार ने कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बिना लक्षण वाले कोरोना पॉजिटिव मरीज जो कि अस्पताल में भर्ती नहीं होना चाहते हैं। उन्हें होम आईसोलेट की सुविधा दी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइड लाइन में पॉजिटिव मरीजों के लक्षणों के आधार पर उनकी चार श्रेणियां निर्धारित की हैं। इनमें वेरी माइल्ड वाले मरीज निर्धारित मानकों का पालन करते हुए अपने घर पर रह सकेंगे। जबकि माइल्ड, मॉडरेट और सीविसर मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।
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जिले के सदर तहसील, मधुबन, घोसी, मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के अलग अलग जगहों पर मिले 98 मरीज जिनकी रिपोर्ट पॅजिटिव तो आई हैं, लेकिन उनमें कोविड-19 का कोई लक्षण नहीं हैं। उन्हें होम आईसोलेट कर दिया गया हैं। लेकिन इन मरीजों को होम आइसोलेट के लिए निर्धारित मानक किया गया हैं। स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल ऑफीसर होम आईसोलेट के पहले दिनों मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं, उसके बाद फोन पर दिन में दो बार बात कर मरीजों के स्वास्थ्य की मानीटरिंग कर रहे हैं।
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इस दौरान मेडिकल ऑफीसर ने अपना मोबाइल नंबर मरीज तथा उसके परिजनों को दे रखा हैं। जिससे किसी भी परिस्थिति में वो चिकित्सक से संपर्क कर सके। इस बाबत सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि बीते शुक्रवार की शाम तक जिले में 98 मरीज होम आईसोलेट हैं। इन मरीजों का नियमित रूप से मानीटरिंग की जा रही हैं।

लक्षण रहित होने पर ही केवल होम आईसोलेट की सुविधा
किसी मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग मरीज के वेरी माइल्ड की पुष्टि करेगा। इसके बाद मरीज को सेल्फ आइसोलेशन अंडरटेकिंग फार्म भरना होगा। फिर घर में होम आइसोलेट रहने की सुविधा की उपलब्धता होनी चाहिए। होम आइसोलेशन के लिए घर पर अलग कमरा व शौचालय होना आवश्यक होगा। यदि किसी के घर में दो शौचालय या अलग से रहने के लिए कमरा नहीं है तो संबंधित मरीज को होम आइसोलेशन की इजाजत नहीं मिलेगी। वहीं 24 घंटे देखभाल करने वाला व्यक्ति होना चाहिए। आरोग्य सेतु एप हमेशा एक्टिव रखना होगा। कोरोना किट लेना जरूरी होगा। इसमें 17 दिन के होम आइसोलेशन का सामान होगा।वहीं जिला सर्विलांस अधिकारी को मरीज अपने स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्टिंग करेगा।
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