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Mau News: निपुण आकलन में पास नहीं हो पाए जिले के 95 विद्यालय
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मऊ। सरकार की तरफ से परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने पर पूरा जोर दिया जा रहा है, लेकिन कक्षा एक और कक्षा दो के बच्चे अंकों की पहचान भी नहीं कर पा रहे हैं।
ऐसे ही कई कारणों के चलते निपुण आंकलन में जिले के 95 विद्यालय पास नहीं हो पाए। रिपोर्ट में चिह्नित 620 विद्यालयों में से 525 निपुण घोषित किए गए।
जिले में 1208 परिषदीय विद्यालयों में 1.31 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकार की तरफ से परिषदीय विद्यालयों के निपुण पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए परीक्षा भी कराई जाती है। वहीं थर्ड पार्टी के तौर पर डायट के प्रशिक्षुओं द्वारा सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाती है।
शैक्षिक सत्र 2024-25 के तहत दिसंबर और फरवरी में डायट के प्रशिक्षुओं ने निपुण का आकलन किया। शासन से जिले में 620 विद्यालयों को चिह्नित किया गया था। सर्वे में प्रशिक्षु विद्यालयों में पहुंचे और कक्षा एक और कक्षा दो के बच्चों का रैंडम शैक्षिक मूल्यांकन किया।
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इसमें भाषा की दक्षता और अंकाें की पहचान करना शामिल था। प्रशिक्षुओं की सर्वे की रिपोर्ट को शासन को भेजा गया। रिपोर्ट में चिंहित 620 विद्यालयों में से 525 निपुण घोषित किए गए। जबकि 95 विद्यालय सफल नहीं हो सके। जो विद्यालय निपुण हुए हैं, उन विद्यालयों के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। संवाद
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ऐसे ही कई कारणों के चलते निपुण आंकलन में जिले के 95 विद्यालय पास नहीं हो पाए। रिपोर्ट में चिह्नित 620 विद्यालयों में से 525 निपुण घोषित किए गए।
जिले में 1208 परिषदीय विद्यालयों में 1.31 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकार की तरफ से परिषदीय विद्यालयों के निपुण पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए परीक्षा भी कराई जाती है। वहीं थर्ड पार्टी के तौर पर डायट के प्रशिक्षुओं द्वारा सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जाती है।
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शैक्षिक सत्र 2024-25 के तहत दिसंबर और फरवरी में डायट के प्रशिक्षुओं ने निपुण का आकलन किया। शासन से जिले में 620 विद्यालयों को चिह्नित किया गया था। सर्वे में प्रशिक्षु विद्यालयों में पहुंचे और कक्षा एक और कक्षा दो के बच्चों का रैंडम शैक्षिक मूल्यांकन किया।
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इसमें भाषा की दक्षता और अंकाें की पहचान करना शामिल था। प्रशिक्षुओं की सर्वे की रिपोर्ट को शासन को भेजा गया। रिपोर्ट में चिंहित 620 विद्यालयों में से 525 निपुण घोषित किए गए। जबकि 95 विद्यालय सफल नहीं हो सके। जो विद्यालय निपुण हुए हैं, उन विद्यालयों के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। संवाद