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चार वर्ष बाद जनधन खाते शत प्रतिशत सक्रिय नहीं
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:16 PM IST
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केंद्र सरकार की तरफ से जनधन योजना शुरू करने के चार वर्ष बीत जाने के बाद भी शत प्रतिशत जन धन खातों को सक्रिय नहीं किया जा सका है। हालत यह है कि व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार न होने के चलते 35 प्रतिशत खातों में लेनदेन नहीं हो रहा है।
गरीबों को साहुकारों के चंगुल से छुटकारा दिलाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 28 अगस्त 2014 को जन धन योजना शुरू की गई। योजना के तहत तीन से चार ट्रांजेक्शन पर बीमा तथा पांच हजार ओवरड्राफ्ट की सुविधा मिलती है। अब सरकार ने जन धन खाते में ओवरड्राफ्ट की सुविधा का दायरा 10 हजार रुपये तक कर दिया है। हालांकि अभी तक लिखित आदेश बैंकों में नहीं आया है। योजना के तहत जिले के विभिन्न बैंकों के 170 शाखाओं में कुल पांच लाख 55 हजार 736 जनधन खाता खोले गए हैं।
नोटबंदी के समय लगभग 15 से 20 प्रतिशत खाते सक्रिय थे। नोटबंदी लागू होने के बाद खातों में ट्रांजेक्शन शुरू हुआ। सरकार की तरफ से से शत प्रतिशत खातों को सक्रिय करने के लिए फरमान जारी किया गया, लेकिन अभी तक 65 प्रतिशत खाता ही सक्रिय हो पाया है। अधिकारियों की मानें तो 35प्रतिशत खाताधारक बाहर रहते हैं। दूरभाष के माध्यम से सूचना देने के बाद भी रुचि नहीं लेते हैं। समय-समय पर जागरुकता कैंप भी चलाया जाता है। इस बाबत एलडीएम गिरीश चंद्रा का कहना है कि समय-समय पर जागरुकता कैंप चलाया जाता है। खाताधारकों के जिले से बाहर रहने के चलते समस्या आ रही है। ओवरड्राफ्ट की सीमा बढ़ी है, लेकिन गाइड लाइन नहीं मिली है।
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गरीबों को साहुकारों के चंगुल से छुटकारा दिलाने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 28 अगस्त 2014 को जन धन योजना शुरू की गई। योजना के तहत तीन से चार ट्रांजेक्शन पर बीमा तथा पांच हजार ओवरड्राफ्ट की सुविधा मिलती है। अब सरकार ने जन धन खाते में ओवरड्राफ्ट की सुविधा का दायरा 10 हजार रुपये तक कर दिया है। हालांकि अभी तक लिखित आदेश बैंकों में नहीं आया है। योजना के तहत जिले के विभिन्न बैंकों के 170 शाखाओं में कुल पांच लाख 55 हजार 736 जनधन खाता खोले गए हैं।
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नोटबंदी के समय लगभग 15 से 20 प्रतिशत खाते सक्रिय थे। नोटबंदी लागू होने के बाद खातों में ट्रांजेक्शन शुरू हुआ। सरकार की तरफ से से शत प्रतिशत खातों को सक्रिय करने के लिए फरमान जारी किया गया, लेकिन अभी तक 65 प्रतिशत खाता ही सक्रिय हो पाया है। अधिकारियों की मानें तो 35प्रतिशत खाताधारक बाहर रहते हैं। दूरभाष के माध्यम से सूचना देने के बाद भी रुचि नहीं लेते हैं। समय-समय पर जागरुकता कैंप भी चलाया जाता है। इस बाबत एलडीएम गिरीश चंद्रा का कहना है कि समय-समय पर जागरुकता कैंप चलाया जाता है। खाताधारकों के जिले से बाहर रहने के चलते समस्या आ रही है। ओवरड्राफ्ट की सीमा बढ़ी है, लेकिन गाइड लाइन नहीं मिली है।
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