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शार्ट सर्किट से प्रतिवर्ष नष्ट होती है हजारों एकड़ गेहूं की फसल

Tue, 13 Mar 2018 10:56 PM IST
Updated Tue, 13 Mar 2018 10:56 PM IST
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शार्ट सर्किट से प्रतिवर्ष नष्ट होती है हजारों एकड़ गेहूं की फसल
मऊ। रबी फसल की कुछ ही दिन बाद कटाई शुरू होगी, लेकिन अभी तक बिजली विभाग की तरफ से जर्जर तारों को बदलने की कार्ययोजना तक नहीं बनाई जा सकी है। जर्जर तारों के नीचे तक लटके रहने से प्रतिवर्ष जिले के विभिन्न इलाकों में शार्ट सर्किट की घटनाओं में गेहूं की हजारों एकड़ फसल नष्ट हो जाती है। अग्निशमन विभाग में संसाधनों का टोटा है। मुआवजा न मिलने से किसानों को खून के आंसू रोना पड़ता है। किसानों की शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है।
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रबी फसल पकने की स्थिति में पहुंच गई है। अब कुछ ही दिन बाद गेहूं की कटाई शुरू हो जाएगी। लेकिन अभी तक खेतों के आसपास ढीले पड़े जर्जर तारों को बदलना तो टाइट तक नहीं कराया जा सका है। विभागीय उदासीनता से किसानों को फसल नुकसान की चिंता अभी से सताने लगी है। गत वर्ष शार्ट सर्किट की घटना से मधुबन, मुहम्मदाबादगोहना, रानीपुर, परदहां, नदवासराय क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों की हजारों हेक्टेयर गेहूं की फसल स्वाहा हो गई थी। इसके बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा सका है। तहसील मुख्यालयों पर आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन न होने के चलते किसानों को राहत नहीं मिल पाती है। गत वर्ष खरगजेपुर गांव निवासी गफ्फार अहमद का दो बीघा, चुल्ली गोंड का तीन मंडा, भार गांव के रविंद्र लाल का एक बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई थी। इस संबंध में किसान गफ्फार अहमद, चुल्ली गोंड़, रविंद्र लाल, रामअवध यादव, महेंद्र सिंह का कहना है कि प्रतिवर्ष शार्ट सर्किट से गेहूं की फसल जलकर नष्ट होती है। फायरब्रिगेड को सूचना तो दी जाती है। लेकिन जब तक फायरकर्मी आते हैं कि तब तक फसल जलकर राख हो जाती है। फसल पकने की स्थिति में पहुंच गई है, लेकिन अभी तक खेतों से होकर गुजरे जर्जर ढीले तारों को बदला तक नहीं जा सका है। इस बाबत विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता रवि प्रताप का कहना है कि शहरी इलाकों में विभिन्न योजनाओं के तहत तारों को बदला जाता है। ग्रामीण इलाकों में जर्जर तारों को बदलने के लिए बजट की मांग की गई है।
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