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जोरों पर चल रही रक्षाबंधन की तैयारियां
Updated Thu, 03 Aug 2017 11:58 PM IST
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मऊ। बहन और भाई के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन पर्व में अभी चार दिन शेष हैं लेकिन तैयारियां जोरों पर चल रही है। पर्व के मद्देनजर राखियों के जगह-जगह स्टाल लग गए हैं। राखी की दूकानों पर ज्यादा भीड़ देखी जा रही है। बाजार में स्टोन और कार्टून बनी राखियां सबसे ज्यादा देखी गई। नगर सहित जिले के प्रमुख बाजारों में देर शाम तक गहमागहमी रही।
रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के संबंधों की पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। इस त्यौहार के मौके पर बहन अपने भाई की आरती उतार कर राखी बांधती है। इसी राखी के महत्व को समझते हुए भाई भी बहन के रक्षा की शपथ लेता है। पर्व जैसे नजदीक आ रहा है नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में तैयारियां तेज हो गई है। प्रमुख बाजारों में जगह-जगह राखी के स्टाल लग गए हैं। स्टालों पर रंगबिरंगी और आर्कषक राखियों दिख रही थी। दूकानों पर सुबह से से ही राखियों, कपड़े आदि की दूकानों में खरीदनों वालों का रेला लगा रहा। राखी की खरीदारी करने आई सुनीता देवी, संगीता यादव का कहना था कि उन्हें रक्षाबंधन पर्व का काफी इंतजार रहता है। क्योंकि वे अपने भाई की कलाई पर राखी बांधतीं है। जिसके बाद भाई द्वारा उन्हें उपहार भी दिया जाता है। रक्षाबंधन पर्व को हम लोग काफी धूमधाम से मनाते हैं।
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रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के संबंधों की पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। इस त्यौहार के मौके पर बहन अपने भाई की आरती उतार कर राखी बांधती है। इसी राखी के महत्व को समझते हुए भाई भी बहन के रक्षा की शपथ लेता है। पर्व जैसे नजदीक आ रहा है नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में तैयारियां तेज हो गई है। प्रमुख बाजारों में जगह-जगह राखी के स्टाल लग गए हैं। स्टालों पर रंगबिरंगी और आर्कषक राखियों दिख रही थी। दूकानों पर सुबह से से ही राखियों, कपड़े आदि की दूकानों में खरीदनों वालों का रेला लगा रहा। राखी की खरीदारी करने आई सुनीता देवी, संगीता यादव का कहना था कि उन्हें रक्षाबंधन पर्व का काफी इंतजार रहता है। क्योंकि वे अपने भाई की कलाई पर राखी बांधतीं है। जिसके बाद भाई द्वारा उन्हें उपहार भी दिया जाता है। रक्षाबंधन पर्व को हम लोग काफी धूमधाम से मनाते हैं।
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