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हत्या के प्रयास में एक को उम्रकैद
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो आदिल अफताब अहमद ने अनुसूचित जाति के व्यक्ति की हत्या के प्रयास और गाली व धमकी देने में नामजद पिता-पुत्र सहित चार को दोषी पाया। जिसमें एक को आजीवन कारावास की सजा के साथ ही कुल दस हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। इसी तरह तीन को गाली और धमकी देने का दोषी पाते हुए एक- एक वर्ष की सजा के साथ ही कुल तीन तीन हजार अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड जमा हो जाने पर 80 प्रतिशत धनराशि वादी को देने का आदेश दिया।
चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के नासिरपुर गांव निवासी प्रेम प्रकाश की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें भवानीपुर गांव निवासी हरिकेश यादव उर्फ हडबड़ी, सुरेंद्र यादव और राकेश यादव पुत्रगण काशी यादव तथा काशी यादव को आरोपी बनाया। वादी का कथन था कि पुरानी रंजिश को लेकर दो मई 2008 की शाम 5:00 बजे भवानीपुर गांव निवासी हरिकेश यादव ने तमंचे से उसके ऊपर फायर कर दिया। जिससे उसके दाहिने हाथ में चोट आई । इस दौरान हरिकेश यादव, सुरेंद्र यादव ,राकेश यादव और काशी यादव ने उसे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर गाली और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपी हरिकेश यादव के पास से तमंचा बरामद किया था।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी सत्येंद्र नाथ राय ने कुल 11 गवाहों को पेश किया। दोषी पाए जाने के बाद हरिकेश यादव को एससी एसटी के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही पांच हजार अर्थदंड तथा हत्या के प्रयास के मामले में आठ वर्ष की सजा के साथ ही पांच हजार अर्थदंड तथा गाली और धमकी देने के मामले में एक-एक वर्ष की सजा के साथ ही एक- एक हजार अर्थदंड निर्धारित किया।
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चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के नासिरपुर गांव निवासी प्रेम प्रकाश की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें भवानीपुर गांव निवासी हरिकेश यादव उर्फ हडबड़ी, सुरेंद्र यादव और राकेश यादव पुत्रगण काशी यादव तथा काशी यादव को आरोपी बनाया। वादी का कथन था कि पुरानी रंजिश को लेकर दो मई 2008 की शाम 5:00 बजे भवानीपुर गांव निवासी हरिकेश यादव ने तमंचे से उसके ऊपर फायर कर दिया। जिससे उसके दाहिने हाथ में चोट आई । इस दौरान हरिकेश यादव, सुरेंद्र यादव ,राकेश यादव और काशी यादव ने उसे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर गाली और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपी हरिकेश यादव के पास से तमंचा बरामद किया था।
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कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी सत्येंद्र नाथ राय ने कुल 11 गवाहों को पेश किया। दोषी पाए जाने के बाद हरिकेश यादव को एससी एसटी के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही पांच हजार अर्थदंड तथा हत्या के प्रयास के मामले में आठ वर्ष की सजा के साथ ही पांच हजार अर्थदंड तथा गाली और धमकी देने के मामले में एक-एक वर्ष की सजा के साथ ही एक- एक हजार अर्थदंड निर्धारित किया।
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