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आरक्षण की मांग को लेकर पीस पार्टी ने सौंपा ज्ञापन
Updated Thu, 27 Sep 2018 01:13 AM IST
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मऊ। पीस पार्टी के जिलाध्यक्ष अफजाल अहमद के नेतृत्व में पार्टी सदस्यों ने बुधवार को मुसलमान के दलित जातियों को अनुसूचित आरक्षण देने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि 10 अगस्त 1950 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा सिर्फ हिंदू दलित करे अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की गई। वहीं 1956 में सिख धर्म की दलित जातियों को और 1990 में बौद्ध धर्म की दलित जातियों को अनुसूचित का आरक्षण का लाभ देने का प्रावधान किया गया। लेकिन मुसलमान और इसाई धर्म के दलित जातियों को अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा रहा है और यह संविधान का स्पष्ट उल्लंघन है। पीस पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष मुनव्वर अली ने कहा कि संविधान की अनुच्छेद 15 से लेकर 31 तक देश के सभी नागरिकों को बिना धार्मिक जातीय, क्षेत्रीय भेदभाव के बराबर अधिकार देने की व्यवस्था करती है। इसलिए पार्टी की मांग है कि राष्ट्रपति सरकार 1950 के अध्यादेश को वापस ले, जिससे सभी धर्म के दलित जातियों के लोगों कों आरक्षण का लाभ मिल सके। पीस पार्टी ने चेताया है कि सरकार द्वारा उनकी मांगें पूरी न होने पर पार्टी जनआंदोलन करने को मजबूर होगी। ज्ञापन देने वालों में अब्बुुदलहादी नोमानी, शाहिद सौदागार, इकबाल आदि मौजूद रहे।
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सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि 10 अगस्त 1950 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा सिर्फ हिंदू दलित करे अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की गई। वहीं 1956 में सिख धर्म की दलित जातियों को और 1990 में बौद्ध धर्म की दलित जातियों को अनुसूचित का आरक्षण का लाभ देने का प्रावधान किया गया। लेकिन मुसलमान और इसाई धर्म के दलित जातियों को अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा रहा है और यह संविधान का स्पष्ट उल्लंघन है। पीस पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष मुनव्वर अली ने कहा कि संविधान की अनुच्छेद 15 से लेकर 31 तक देश के सभी नागरिकों को बिना धार्मिक जातीय, क्षेत्रीय भेदभाव के बराबर अधिकार देने की व्यवस्था करती है। इसलिए पार्टी की मांग है कि राष्ट्रपति सरकार 1950 के अध्यादेश को वापस ले, जिससे सभी धर्म के दलित जातियों के लोगों कों आरक्षण का लाभ मिल सके। पीस पार्टी ने चेताया है कि सरकार द्वारा उनकी मांगें पूरी न होने पर पार्टी जनआंदोलन करने को मजबूर होगी। ज्ञापन देने वालों में अब्बुुदलहादी नोमानी, शाहिद सौदागार, इकबाल आदि मौजूद रहे।
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