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चेता अस्पताल प्रबंधन, खोला एनआईसीयू का ताला
Updated Sun, 07 Jan 2018 12:29 AM IST
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मऊ। जिले के महिला अस्पताल में बीते गुरुवार की रात डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते नवजात की मौत और व्याप्त अव्यवस्था को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसका परिणाम रहा कि शनिवार को जिला महिला अस्पताल की हालत में परिवर्तन दिखा। इस दौरान डिलीवरी के बाद गंभीर बच्चों को भर्ती करने के लिए बंद पड़े एनआईसीयू वार्ड का ताला खुला। साथ ही जिस वार्ड की खिड़की टूटी थी, उसमें से मरीजों को निकालकर दूसरे वार्डो में शिफ्ट किया गया।
बताते चलें कि सरायलखंसी थाना क्षेत्र के ताजोपुर निवासी रिंकी सिंह पत्नी रजनीश सिंह की डिलेवरी जिला महिला अस्पताल में बीते गुरुवार की रात हुई थी। जहां रिंकी सिंह ने एक बच्ची को जन्म दिया था। पैदा होने के बाद नवजात की हालत खराब होने पर उसे एनआईसीयू में रखने की व्यवस्था नहीं हो सकी। इसके चलते उसकी मौत हो गई। इसके अलावा अस्पताल में मरीजों को उन कमरों में भर्ती किया गया था, जिसकी खिड़की का कांच टूटा था। इस दौरान वर्फीली हवा वार्ड में आ रही थी।
इन तमाम खामियों को कुरेदते हुए अमर उजाला ने शनिवार के अंक में खबर प्रकाशित किया था। जिसे अस्पताल की सीएमएस डा. माधुरी ने संज्ञान में लिया। साथ ही शनिवार को एनआईसीयू को खुलवा दिया। इसमें में दो बच्चे भर्ती भी हुए। इसके साथ ही टूटी खिड़की वाले वार्ड से मरीजों को निकालकर उन्हें दूसरे वार्ड में भर्ती कराया गया। सीएमएस डाक्टर माधुरी सिंह ने बताया कि भर्ती महिला मरीजों को ठंड से बचाने के लिए यथासंभव व्यवस्था की जा रही है। बताते चले खुले एनआईसीयू वार्ड में साहूपुर निवासी रामदेव प्रजापति के साथ अलावा संजीता नाम की महिला को आपरेशन से पैदा हुए नवजात को एनआईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया था।
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बताते चलें कि सरायलखंसी थाना क्षेत्र के ताजोपुर निवासी रिंकी सिंह पत्नी रजनीश सिंह की डिलेवरी जिला महिला अस्पताल में बीते गुरुवार की रात हुई थी। जहां रिंकी सिंह ने एक बच्ची को जन्म दिया था। पैदा होने के बाद नवजात की हालत खराब होने पर उसे एनआईसीयू में रखने की व्यवस्था नहीं हो सकी। इसके चलते उसकी मौत हो गई। इसके अलावा अस्पताल में मरीजों को उन कमरों में भर्ती किया गया था, जिसकी खिड़की का कांच टूटा था। इस दौरान वर्फीली हवा वार्ड में आ रही थी।
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इन तमाम खामियों को कुरेदते हुए अमर उजाला ने शनिवार के अंक में खबर प्रकाशित किया था। जिसे अस्पताल की सीएमएस डा. माधुरी ने संज्ञान में लिया। साथ ही शनिवार को एनआईसीयू को खुलवा दिया। इसमें में दो बच्चे भर्ती भी हुए। इसके साथ ही टूटी खिड़की वाले वार्ड से मरीजों को निकालकर उन्हें दूसरे वार्ड में भर्ती कराया गया। सीएमएस डाक्टर माधुरी सिंह ने बताया कि भर्ती महिला मरीजों को ठंड से बचाने के लिए यथासंभव व्यवस्था की जा रही है। बताते चले खुले एनआईसीयू वार्ड में साहूपुर निवासी रामदेव प्रजापति के साथ अलावा संजीता नाम की महिला को आपरेशन से पैदा हुए नवजात को एनआईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया था।
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