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नाट्य मंचन के जरिए भ्रष्टाचार पर प्रहार
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:19 PM IST
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घोसी। संभव संस्था से जुड़े नव प्रवेशी कलाकारों ने अंधेर नगरी का भावपूर्ण मंचन कर शाबाशी बटोरी। घोसी नगर के मझवारा मोड़ स्थित जूनियर हाईस्कूल के प्रांगण में मंगलवार की रात इस नाटक का मंचन किया गया। भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्नातक नागेंद्र कुमार के निर्देशन में कलाकारों ने नाट्य मंचन के जरिए भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार किया। नाटक में शामिल कलाकारों को संस्था की ओर से प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि संजय गौतम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। रंगमंच गांव की और की परिकल्पना को लेकर योगेंद्र कुमार चौहान और सत्यप्रकाश सिंह के प्रयास से नगर के क़स्बा रोड के पास संभव संस्था के युवा कलाकारों के चले एक माह के कार्यशाला के बाद मंगलवार को कलाकारों ने भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्घ नाटक ‘अंधेर नगरी’ का मंचन कर भ्रष्टाचार के ऊपर करारा चोट किया। विवेकहीन राजा के रूप में योगेंद्र चौहान ने, मंत्री के रूप में पंकज मद्देशिया, कसाई के रूप में अखिलेश यादव, नटी और फरियादी के रूप में दीपशिखा मौर्या, नट के रूप में अतुल चौहान, गोवर्धन दास के रूप में कलाकार अजय शंकर ने, कोतवाल के रूप दीपक यादव, चुनेवाली के साथ मिठाई वाली के रूप में आदिति विश्वकर्मा के साथ दीपक गौड़, अंजली मौर्य, अंजू मौर्य आदि ने शानदार अभिनय कर लोगों को देर रात तक रुकने के लिए बाध्य कर दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि संजय गौतम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बस उनको तराशने की जरूरत है। आज के कार्यक्रम में जिस तरह से नवप्रवेशी कलाकारों ने जिस तरह से अभिनय किया है वह काबिले तारीफ है। इसके लिए संभव संस्था के लोग बधाई के पात्र हैं। आयोजक योगेंद्र चौहान ने सबका स्वागत करते हुए सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया। कार्यशाला के साथ नाटक को सफल बनाने में सत्यप्रकाश, संजय, अरविंद पांडेय, डॉ. संजय वर्मा ,गुलाब चौहान, फागू सिंह, सिंटू मौर्या, वीरेंद्र यादव, विशाल कुमार आदि का विशेष सहयोग रहा।
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कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि संजय गौतम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। रंगमंच गांव की और की परिकल्पना को लेकर योगेंद्र कुमार चौहान और सत्यप्रकाश सिंह के प्रयास से नगर के क़स्बा रोड के पास संभव संस्था के युवा कलाकारों के चले एक माह के कार्यशाला के बाद मंगलवार को कलाकारों ने भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्घ नाटक ‘अंधेर नगरी’ का मंचन कर भ्रष्टाचार के ऊपर करारा चोट किया। विवेकहीन राजा के रूप में योगेंद्र चौहान ने, मंत्री के रूप में पंकज मद्देशिया, कसाई के रूप में अखिलेश यादव, नटी और फरियादी के रूप में दीपशिखा मौर्या, नट के रूप में अतुल चौहान, गोवर्धन दास के रूप में कलाकार अजय शंकर ने, कोतवाल के रूप दीपक यादव, चुनेवाली के साथ मिठाई वाली के रूप में आदिति विश्वकर्मा के साथ दीपक गौड़, अंजली मौर्य, अंजू मौर्य आदि ने शानदार अभिनय कर लोगों को देर रात तक रुकने के लिए बाध्य कर दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि संजय गौतम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बस उनको तराशने की जरूरत है। आज के कार्यक्रम में जिस तरह से नवप्रवेशी कलाकारों ने जिस तरह से अभिनय किया है वह काबिले तारीफ है। इसके लिए संभव संस्था के लोग बधाई के पात्र हैं। आयोजक योगेंद्र चौहान ने सबका स्वागत करते हुए सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया। कार्यशाला के साथ नाटक को सफल बनाने में सत्यप्रकाश, संजय, अरविंद पांडेय, डॉ. संजय वर्मा ,गुलाब चौहान, फागू सिंह, सिंटू मौर्या, वीरेंद्र यादव, विशाल कुमार आदि का विशेष सहयोग रहा।
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