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कर करेतर की समीक्षा में वन विभाग फिसड्डी
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:59 PM IST
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मऊ। कर करेत्तर की मासिक समीक्षा की बैठक शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी मनीलाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। अपर जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तहसीलों के बडे़ बकायेदारों से परिणाम देने वाली वसूली करें। एडीएम ने खनन अधिकारी को सख्त निर्देश दिया कि किसी भी दशा में जनपद में अवैध खनन नहीं होना चाहिए ।
उन्होंने हिदायत दिया कि इस पर सख्ती के साथ कार्यवाही की जानी चाहिए।समीक्षा बैठक में व्यापार कर की वसूली 96.12 प्रतिशत, स्टांप की वसूली 100.85 प्रतिशत, मनोरंजनकर 64.86 प्रतिशत, परिवहन का 145.51 प्रतिशत, आबकारी 96.56 प्रतिशत पाई गई। इसके अलावा वन विभाग की 38.36 प्रतिशत, खनन की 196.50 प्रतिशत, भू-राजस्व 111.09 प्रतिशत, विद्युत 218.39 प्रतिशत, बैंक देयक 184.31 प्रतिशत, चिकित्सा का 89.33 प्रतिशत, सड़क पुल 234 प्रतिशत और स्थानीय निकायों की वसूली 106.67 प्रतिशत रही। अपर जिलाधिकारी ने कम वसूली वाले विभागों को सख्त निर्देश दिया कि अगले माह के समीक्षा बैठक में सभी का वसूली शत प्रतिशत होना चाहिए। अपर जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं का तत्काल समाधान करें, यदि इसमें लापरवाही की गयी तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी और वेतन रोक दिया जायेगा। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। इस अवसर पर, नगर मजिस्टेट हंसराज यादव, जिला आबकारी अधिकारी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी आलोक कुमार, एआरटीओ, सभी उपजिलाधिकारी, डिप्टी कमिश्नर व्यापार कर, सभी अधिशासी अधिकारी नगरपालिका और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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उन्होंने हिदायत दिया कि इस पर सख्ती के साथ कार्यवाही की जानी चाहिए।समीक्षा बैठक में व्यापार कर की वसूली 96.12 प्रतिशत, स्टांप की वसूली 100.85 प्रतिशत, मनोरंजनकर 64.86 प्रतिशत, परिवहन का 145.51 प्रतिशत, आबकारी 96.56 प्रतिशत पाई गई। इसके अलावा वन विभाग की 38.36 प्रतिशत, खनन की 196.50 प्रतिशत, भू-राजस्व 111.09 प्रतिशत, विद्युत 218.39 प्रतिशत, बैंक देयक 184.31 प्रतिशत, चिकित्सा का 89.33 प्रतिशत, सड़क पुल 234 प्रतिशत और स्थानीय निकायों की वसूली 106.67 प्रतिशत रही। अपर जिलाधिकारी ने कम वसूली वाले विभागों को सख्त निर्देश दिया कि अगले माह के समीक्षा बैठक में सभी का वसूली शत प्रतिशत होना चाहिए। अपर जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं का तत्काल समाधान करें, यदि इसमें लापरवाही की गयी तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी और वेतन रोक दिया जायेगा। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। इस अवसर पर, नगर मजिस्टेट हंसराज यादव, जिला आबकारी अधिकारी, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी आलोक कुमार, एआरटीओ, सभी उपजिलाधिकारी, डिप्टी कमिश्नर व्यापार कर, सभी अधिशासी अधिकारी नगरपालिका और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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