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पीड़िता को दिलाया 50 हजार रुपये भरण पोषण
Updated Sun, 02 Dec 2018 09:47 PM IST
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मऊ। परिवार परामर्श केंद्र की बैठक रविवार को पुलिस लाइन स्थित महिला थाना में हुई। इस दौरान15 में सेे तीन मामलों का निस्तारण किया गया। एक महिला को उसके पति से 50 हजार रुपया भरण पोषण रूप में दिलाए गए। दो दंपती आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने को तैयार हुए । परामर्श केंद्र की इस पहल की लोगों ने सराहना किया। शेष 12 पत्रावलियों में बैठक की अगली तिथि 16 दिसंबर नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजने का निर्देश दिया गया।
परामर्श केंद्र में सीमा देवी और उमेश चौहान के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का निस्तारण हो गया। उमेश ने सीमा चौहान को भरण पोषण के रुप में 50 हजार रुपया नगद और उसका सामान दे दिया। वही सीमा ने भी सामान वापस किया। वहीं, सलमा खातून और सईद अहमद तथा उम्मेरुमना और शहनवाज आलम के आपसी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो जाने पर मामला सुलझ गया। आठ मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हो सका। जिसके चलते उनकी पत्रावलियों में 16 दिसंबर की तिथि नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। इस दौरान परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, इब्राहिम सेवक, रत्नेश पांडेय, मौलवी अरशद, डा.एमए खान, अर्चना उपाध्याय, प्रियंका सिंह और बरखा के साथ काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।
इनसेट
जनवरी से अब तक 159 मामले सुलझाए
मऊ। परामर्श केंद्र में जनवरी से नवंबर तक कुल 183 आवेदन आए थे। जिसमें सदस्यों के प्रयास से 159 मामलों का निस्तारण हुआ। इसमें 120 दंपतियों ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ- साथ रहने को तैयार हो गए। वही दस मामलों में पक्षकारों के बीच सुलह न होने की स्थिति में एफआईआर दर्ज हुई। शेष मामलों में पक्षकरों के बीच न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन होने के चलते उनकी पत्रावली निस्तारित कर दी गई।
परामर्श केंद्र में सीमा देवी और उमेश चौहान के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का निस्तारण हो गया। उमेश ने सीमा चौहान को भरण पोषण के रुप में 50 हजार रुपया नगद और उसका सामान दे दिया। वही सीमा ने भी सामान वापस किया। वहीं, सलमा खातून और सईद अहमद तथा उम्मेरुमना और शहनवाज आलम के आपसी मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो जाने पर मामला सुलझ गया। आठ मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हो सका। जिसके चलते उनकी पत्रावलियों में 16 दिसंबर की तिथि नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया। इस दौरान परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, इब्राहिम सेवक, रत्नेश पांडेय, मौलवी अरशद, डा.एमए खान, अर्चना उपाध्याय, प्रियंका सिंह और बरखा के साथ काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।
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जनवरी से अब तक 159 मामले सुलझाए
मऊ। परामर्श केंद्र में जनवरी से नवंबर तक कुल 183 आवेदन आए थे। जिसमें सदस्यों के प्रयास से 159 मामलों का निस्तारण हुआ। इसमें 120 दंपतियों ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ- साथ रहने को तैयार हो गए। वही दस मामलों में पक्षकारों के बीच सुलह न होने की स्थिति में एफआईआर दर्ज हुई। शेष मामलों में पक्षकरों के बीच न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन होने के चलते उनकी पत्रावली निस्तारित कर दी गई।
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