{"_id":"5b8c201942c792463d4ae434","slug":"61535909913-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वर्षो से सत्यापन अधर में, अब हो रही कार्रवाई:","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वर्षो से सत्यापन अधर में, अब हो रही कार्रवाई:
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पात्र गरीबों को सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने वाली राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में जिले में धांधली जारी है। पात्र लाभार्थियों का चयन और सत्यापन लगातार हो रहा। अब जांच में अनियमिताएं खुलकर सामने आ रही हैं। राशन माफियाओं द्वारा पात्रों का मारा जा रहा। ऐसे में पूर्ति विभाग ने जांच करने के साथ ही कोटेदारों पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। जिसके तहत 58 कोटेदारों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। साथ ही अन्य शिकायतों के निस्तारण में तेजी ला दी है।
जिले में कुल पात्र गृहस्थी लाभार्थियों की संख्या दो लाख 27 हजार 285 है। इनमें ग्रामीण क्षेत्र में 11 लाख सात हजार 525 यूनिट है जबकि शहरी क्षेत्र की पात्र गृहस्थी की यूनिट दो लाख 74 हजार 582 है। जनपद में अन्त्योदय कार्ड धारकों की संख्या 56 हजार 594 है। जिले में शहरी क्षेत्रों में 217 और ग्रामीण क्षेत्रों में 870 कोटेदार हैं। राशन कार्डों का सत्यापन और पात्र लाभार्थियों का नाम शामिल करने का कार्य वर्ष 2011 से चल रहा है। इन सालों में लगभग सात बार फार्म भरे गए और निरस्त किए गए। जब से ऑनलाइन आवेदन शुरु हुआ तब भी अनियमितताओं का दौर बंद नहीं हुआ। पहली मार्च 2016 को जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 लागूूू किया गया। फिर भी गडबड़ियों का सिलसिला नहीं रुका। विरोध में धरना प्रदर्शन होते रहे जो अब भी जारी है। जिले में हाल में आए जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने शिकायतों को गंभीरता से लेकर निष्पक्षता से जांच कराना शुरु किया। अगस्त 2018 से पहली सितंबर तक मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के डीसीएफ की एक दुकान, दरबारी और ओमप्रकाश गुप्ता, नगर की अस्तूपुरा की इसरावती राय, राजाराम का पूरा मुहल्ला की पुष्पा राय, चकसादी के कमलेश कुमार सैनी, ज्ञांती देवी, मुगलपूूरा की राजकुमारी देवी, मुंशीपुरा मुहल्ले की विनीशा सहित दस सरकारी सस्ते गल्ले की दुुकानें निलंबित की जा चुकी हैं। कलेक्ट्रेट के पास की अनिल कुमार श्रीवास्तव की दुकान निरस्त की जा चुकी है। 13 अन्य शिकायतों की जांच प्रक्रिया में है। जबकि शहर की वंदना सिंह, सुरेश राम और प्रभावती देवी ने इन दुकानों को चलाने में असमर्थता जाहिर करते हुए त्यागपत्र दे चुकी हैं।
इनसेट
58 पर हो चुकी है एफआईआर
राशन वितरण में अनियमितता के मामले में अब तक 58 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। इनमें दस कोटेदार हैं जबकि अंगूठा लगाकर खाद्यान्न निकासी में सहयोग करने वाले लोगों की संख्या 48 है। पुलिस इनकी भूमिका की जांच कर रही है।
विज्ञापन
कोट
सत्यापन और जांच करके गडबड़ी करने वालों के विरुद्ध एफआईआर , निलंबन और निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
नरेंद्र तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी
विज्ञापन
जिले में कुल पात्र गृहस्थी लाभार्थियों की संख्या दो लाख 27 हजार 285 है। इनमें ग्रामीण क्षेत्र में 11 लाख सात हजार 525 यूनिट है जबकि शहरी क्षेत्र की पात्र गृहस्थी की यूनिट दो लाख 74 हजार 582 है। जनपद में अन्त्योदय कार्ड धारकों की संख्या 56 हजार 594 है। जिले में शहरी क्षेत्रों में 217 और ग्रामीण क्षेत्रों में 870 कोटेदार हैं। राशन कार्डों का सत्यापन और पात्र लाभार्थियों का नाम शामिल करने का कार्य वर्ष 2011 से चल रहा है। इन सालों में लगभग सात बार फार्म भरे गए और निरस्त किए गए। जब से ऑनलाइन आवेदन शुरु हुआ तब भी अनियमितताओं का दौर बंद नहीं हुआ। पहली मार्च 2016 को जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 लागूूू किया गया। फिर भी गडबड़ियों का सिलसिला नहीं रुका। विरोध में धरना प्रदर्शन होते रहे जो अब भी जारी है। जिले में हाल में आए जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने शिकायतों को गंभीरता से लेकर निष्पक्षता से जांच कराना शुरु किया। अगस्त 2018 से पहली सितंबर तक मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के डीसीएफ की एक दुकान, दरबारी और ओमप्रकाश गुप्ता, नगर की अस्तूपुरा की इसरावती राय, राजाराम का पूरा मुहल्ला की पुष्पा राय, चकसादी के कमलेश कुमार सैनी, ज्ञांती देवी, मुगलपूूरा की राजकुमारी देवी, मुंशीपुरा मुहल्ले की विनीशा सहित दस सरकारी सस्ते गल्ले की दुुकानें निलंबित की जा चुकी हैं। कलेक्ट्रेट के पास की अनिल कुमार श्रीवास्तव की दुकान निरस्त की जा चुकी है। 13 अन्य शिकायतों की जांच प्रक्रिया में है। जबकि शहर की वंदना सिंह, सुरेश राम और प्रभावती देवी ने इन दुकानों को चलाने में असमर्थता जाहिर करते हुए त्यागपत्र दे चुकी हैं।
विज्ञापन
इनसेट
58 पर हो चुकी है एफआईआर
राशन वितरण में अनियमितता के मामले में अब तक 58 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। इनमें दस कोटेदार हैं जबकि अंगूठा लगाकर खाद्यान्न निकासी में सहयोग करने वाले लोगों की संख्या 48 है। पुलिस इनकी भूमिका की जांच कर रही है।
विज्ञापन
कोट
सत्यापन और जांच करके गडबड़ी करने वालों के विरुद्ध एफआईआर , निलंबन और निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
नरेंद्र तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी