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विश्वकर्मा समाज के सम्मेलन में समाज की मजबूती पर दिया बल
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:58 PM IST
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बाजार स्थित एक मैरेज हाल में रविवार को श्री विश्वकर्मा महोत्सव का आयोजन किया गया। आयोजित इस जिला स्तरीय महोत्सव में समाज को संगठित कर मजबूत बनाने पर चर्चा की गई। महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर रामनयन शर्मा ने भगवान विश्वकर्मा के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
इंजीनियर रामनयन ने कहा कि भारत आधुनिक युग में भी कृषि व उद्योग के विकास की आधारभूत कूंजी है। मानव जीवन में भोजन वस्त्र आवास आदि का समाज का सृजन सदैव की भांति विद्यमान है, भगवान विश्वकर्मा की संतान है जिसका हमें गर्व् है। वही कार्यक्रम के संयोजक तथा शिल्प अनुसंधान एवं विकास संस्थान लखनऊ के अध्यक्ष डा. राजेश विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि जिस समाज के लोग संगठित होते है, वह समाज उतना ही मजबूत होता है। साथ ही संगठन में सरकार बनाने बिगाड़ने की शक्ति होती है। वहीं, संगठित होकर अपनी बात रखते है तो उसकी वजूद रहती है। आपकी बात सुनी जाती है। हम श्रमिक कर्मकार लोग है मेहनत की कमाते है। जिसको आज बड़ी-बड़ी मशीनें कारखानों को लगाकर हमारी पुश्तैनी रोजगार को लगातार छीना जा रहा है। उन्होंने इस मंच के माध्यम से सरकार से मांग किया कि शिल्पकार दस्तकार निगम अथवा मंत्रालय अलग से स्थापित कर इनके हितों को सुरक्षित किया जाए। इस मौके पर डा. रामनिवास, राममिलन विश्वकर्मा, सुनील, प्रभात विश्वकर्मा, मुन्ना विश्वकर्मा, नागीना, अनिल,ओमप्रकाश आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन छविश्याम विश्वकर्मा ने से संयुक्त रुप से यिका। अध्यक्षता रामूराम विश्वकर्मा ने किया।
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इंजीनियर रामनयन ने कहा कि भारत आधुनिक युग में भी कृषि व उद्योग के विकास की आधारभूत कूंजी है। मानव जीवन में भोजन वस्त्र आवास आदि का समाज का सृजन सदैव की भांति विद्यमान है, भगवान विश्वकर्मा की संतान है जिसका हमें गर्व् है। वही कार्यक्रम के संयोजक तथा शिल्प अनुसंधान एवं विकास संस्थान लखनऊ के अध्यक्ष डा. राजेश विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि जिस समाज के लोग संगठित होते है, वह समाज उतना ही मजबूत होता है। साथ ही संगठन में सरकार बनाने बिगाड़ने की शक्ति होती है। वहीं, संगठित होकर अपनी बात रखते है तो उसकी वजूद रहती है। आपकी बात सुनी जाती है। हम श्रमिक कर्मकार लोग है मेहनत की कमाते है। जिसको आज बड़ी-बड़ी मशीनें कारखानों को लगाकर हमारी पुश्तैनी रोजगार को लगातार छीना जा रहा है। उन्होंने इस मंच के माध्यम से सरकार से मांग किया कि शिल्पकार दस्तकार निगम अथवा मंत्रालय अलग से स्थापित कर इनके हितों को सुरक्षित किया जाए। इस मौके पर डा. रामनिवास, राममिलन विश्वकर्मा, सुनील, प्रभात विश्वकर्मा, मुन्ना विश्वकर्मा, नागीना, अनिल,ओमप्रकाश आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन छविश्याम विश्वकर्मा ने से संयुक्त रुप से यिका। अध्यक्षता रामूराम विश्वकर्मा ने किया।
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