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वैज्ञानिकों ने किसानों को बताया खेती करने का गुण
Updated Fri, 29 Sep 2017 10:47 PM IST
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बढुआ गोदाम (मऊ)। भारतीय बीज विज्ञान संस्थान कुशमौर की ओर से शुक्रवार को संस्थान के सभागार में किसान गोष्ठी और प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया । इसमें वैज्ञानिकों ने किसानों को खेती के वैज्ञानिक तरीके एवं बीज रोपण आदि के बारे में तकनीकी जानकारी दी।
मुख्य अतिथि बीज प्रमाणीकरण वाराणसी के उप निदेशक वीके पांडेय ने बताया कि भारत सरकार की रिवालविंग फंड एवं पल्स हब कार्यक्रम के अंतर्गत संस्थान के स्तर से बीज उत्पादन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसमें किसानों का चयन कर आगामी रवि सीजन की फसलो में दलहन, तिलहन और गेंहू की प्रजातियों के बीज उत्पादन किसानों के प्रक्षेत्रों पर कराया जाएगा।
गोष्ठी में बीज विज्ञान संस्थान कुशमौर के कार्यकारी निदेशक डा. गोविंद पाल ने बीज उत्पादन के संबंध में किसानों को रजिस्ट्रेशन शुल्क, टैग और बीज उत्पादन के नियमों के बारे में विस्तार से बताया। बीज प्रमाणीकरण वाराणसी के उप निदेशक वीके पांडेय ने बताया कि धान की फसलों में पोषक तत्वों और प्रबंध के विषय में जानकारी दी। पादप प्रजनन के वैज्ञानिक केएम गौरैया ने किसानों को धान के प्रक्षेत्र पर भ्रमण के दौरान धान की प्रजाति सीओ-51, एमडीयू- 6, सीएसआर- 43, एचयूबीआर, आईआर- 36 धान की प्रजातियों के बारे में किसानों को बताया। इस अवसर पर संस्थान के फार्म इंचार्ज जेके त्रिपाठी, डा. एसपी, जय ओम दिवेदी, विजय कुमार, रामजन्म यादव, संतोष मिश्रा, जितेंद्र सिंह, ध्रुवपत यादव, विजय प्रताप सिंह, महातम सिंह, रामविजय दिवेदी, वशिष्ठ सिंह,चंद्रभान सिंह आदि उपस्थित थे।
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मुख्य अतिथि बीज प्रमाणीकरण वाराणसी के उप निदेशक वीके पांडेय ने बताया कि भारत सरकार की रिवालविंग फंड एवं पल्स हब कार्यक्रम के अंतर्गत संस्थान के स्तर से बीज उत्पादन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसमें किसानों का चयन कर आगामी रवि सीजन की फसलो में दलहन, तिलहन और गेंहू की प्रजातियों के बीज उत्पादन किसानों के प्रक्षेत्रों पर कराया जाएगा।
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गोष्ठी में बीज विज्ञान संस्थान कुशमौर के कार्यकारी निदेशक डा. गोविंद पाल ने बीज उत्पादन के संबंध में किसानों को रजिस्ट्रेशन शुल्क, टैग और बीज उत्पादन के नियमों के बारे में विस्तार से बताया। बीज प्रमाणीकरण वाराणसी के उप निदेशक वीके पांडेय ने बताया कि धान की फसलों में पोषक तत्वों और प्रबंध के विषय में जानकारी दी। पादप प्रजनन के वैज्ञानिक केएम गौरैया ने किसानों को धान के प्रक्षेत्र पर भ्रमण के दौरान धान की प्रजाति सीओ-51, एमडीयू- 6, सीएसआर- 43, एचयूबीआर, आईआर- 36 धान की प्रजातियों के बारे में किसानों को बताया। इस अवसर पर संस्थान के फार्म इंचार्ज जेके त्रिपाठी, डा. एसपी, जय ओम दिवेदी, विजय कुमार, रामजन्म यादव, संतोष मिश्रा, जितेंद्र सिंह, ध्रुवपत यादव, विजय प्रताप सिंह, महातम सिंह, रामविजय दिवेदी, वशिष्ठ सिंह,चंद्रभान सिंह आदि उपस्थित थे।
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