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स्वतंत्रता सेनानी के नाम से बने रोडवेज स्टेशन
Updated Tue, 04 Jul 2017 11:31 PM IST
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मधुबन। कस्बा स्थित रोडवेज परिसर को स्वतंत्रता सेनानी डिपो मधुबन के नाम से बनाने की मांग उठने लगी है। वर्तमान में बस स्टेशन कूड़ा कचरा फेंकने का स्थान बनकर रह गया है जिससे परिसर में गंदगी का अंबार लगा रहता है। इस दौरान लोगों का उधर से गुजरना दूभर हो जाता है। डिपो बन जाने से इसकी दशा सुधरेगी।
कस्बा मधुबन में लगभग चार एकड़ जमीन बस स्टेशन के नाम से मौजूद है। दशकों पहले इस परिसर से रोडवेज बसों का संचालन होता था। इस दौरान परिसर में रोडवेज का भवन मौजूद था। लेकिन देखरेख और विभागीय उपेक्षा का शिकार होने के कारण यह भवन बेकार हो गया। इस दौरान विभाग ने इसे कंडम घोषित कर दिया। बस स्टेशन के सौ मीटर आगे पीछे प्राइवेट वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। अब मधुबन को तहसील स्तर का दर्जा प्राप्त ही गया है। ऐसे में अगर मधुबन बस स्टेशन को स्वतंत्रता सेनानी बस डिपो बनाकर यहां से लखनऊ,कानपुर, दिल्ली,गोरखपुर,वाराणसी,इलाहाबाद, सोनौली को बसें चलाई जाय तो शहीद अमर बलिदानियों की पहचान बरकरार रहेगी और क्षेत्र वासियों को सुविधा भी मिल सकेगी। डॉक्टर रविन्द्र सिंह, चंद्रभूषण सिंह,बृजेश जायसवाल,अखिलेश मल्ल, राकेश मल्ल,शिवानन्द मल्ल,अश्वनी मल्ल,हरिकेश बहादुर सिंह,जितेंद्र मल्ल समेत दर्जनों लोंगो ने शासन से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान में उनके नाम पर मधुबन को डिपो बनाये जाने की मांग की है।
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कस्बा मधुबन में लगभग चार एकड़ जमीन बस स्टेशन के नाम से मौजूद है। दशकों पहले इस परिसर से रोडवेज बसों का संचालन होता था। इस दौरान परिसर में रोडवेज का भवन मौजूद था। लेकिन देखरेख और विभागीय उपेक्षा का शिकार होने के कारण यह भवन बेकार हो गया। इस दौरान विभाग ने इसे कंडम घोषित कर दिया। बस स्टेशन के सौ मीटर आगे पीछे प्राइवेट वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। अब मधुबन को तहसील स्तर का दर्जा प्राप्त ही गया है। ऐसे में अगर मधुबन बस स्टेशन को स्वतंत्रता सेनानी बस डिपो बनाकर यहां से लखनऊ,कानपुर, दिल्ली,गोरखपुर,वाराणसी,इलाहाबाद, सोनौली को बसें चलाई जाय तो शहीद अमर बलिदानियों की पहचान बरकरार रहेगी और क्षेत्र वासियों को सुविधा भी मिल सकेगी। डॉक्टर रविन्द्र सिंह, चंद्रभूषण सिंह,बृजेश जायसवाल,अखिलेश मल्ल, राकेश मल्ल,शिवानन्द मल्ल,अश्वनी मल्ल,हरिकेश बहादुर सिंह,जितेंद्र मल्ल समेत दर्जनों लोंगो ने शासन से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान में उनके नाम पर मधुबन को डिपो बनाये जाने की मांग की है।
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