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60 रैपिड रिस्पांस टीमें कर रही हैं जिले में संक्रमित मरीजों को ट्रैस
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मऊ। जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को काबू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। जांच के दौरान संक्रमित मिलने पर मरीजों को आइसोलेट करने के बाद उनका उपचार सही तरीके से हो और वह जल्द स्वस्थ हो इसके लिए जिले में 60 रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई है।इतना ही नहीं संक्रमित मरीजों को ट्रैस करने के लिए एंटीजन व आरटीपीसीआर का लक्ष्य बढ़ाया गया है।टीमों के कार्यो की मानीटरिंग भी सीएमओ सहित दूसरे अधिकारियों द्वारा निरंतर किया जा रहा है।
बताते चले कि जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का ग्राफ पहली लहर के तुलना में दोगति से बढ़ा है।31 मार्च 2021 तक संक्रमण की पहली लहर में जहां जिले में 3048 मरीज मिले थे, वहीं मंगलवार तक यह संख्या 7 हजार 971 तक पहुंच चुकी है। यानी संक्रमण की दूसरी लहर में 55 दिनों में 4 हजार 23 मरीज मिल चुके है।वहीं 31 मार्च तक मृतकों की संख्या 39 थी, मंगलवार तक यह संख्या 64 पहुंच चुकी है। यानी इन 55 दिनों में मिले 4 हजार 23 मरीजों में 25 मरीजों की मौत हो चुकी है। संक्रमण के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए इस पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के नौ ब्लाकों में 60 रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई। तीन सदस्यीय टीम जिसमें एक मेडिकल ऑफीसर, एक पैैरामेडिकल स्टॉफ तथा एक एलटी की तैनाती है। इसमें आठ टीमें नगर क्षेत्र में कार्य कर रही है, जबकि हर ब्लाक पर पांच टीमें कर रही है।
सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि संक्रमित मरीज जो घर पर आइसोलेट किए गए हैं। उनका उपचार सही तरीके से हो और वह जल्द स्वस्थ हो इसके मद्देनजर रैपिड रिस्पांस टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा एंटीजन व आरटीपीसीआर का लक्ष्य बढ़ाया गया है। किसी मरीज की पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर सबसे पहले रैपिड रिस्पांस टीम संबंधित के घर का दौरा कर यह तय करती है। मरीज होम आइसोलेट किया जा सकता है। या नहीं। यदि उसकी हालत गंभीर होती है तो उसे कोविड अस्पताल में भर्ती कराती है। वर्तमान में जिले में 217 मरीज होम आईसोलेशन में इलाज करा रहे है।
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इनसेट
आऊट सोर्सिग से 25 हेल्थवर्करों की हुई है तैनाती
मऊ। सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह न बताया कि संक्रमण के रोकथाम के लिए गठित रैपिड रिस्पांस टीम में मानव संसाधन की कमी न हो उसके लिए आयुष के चिकित्सकों को भी इसमें शामिल किया गया है।असके अलावा 9 सीएचसी तथा 38 पीएचसी के कर्मचारी इसमें शामिल है।इसके अलावा 25 हेल्थवर्करों को आऊट सोर्सिग से तैनाती की गई है।
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बताते चले कि जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का ग्राफ पहली लहर के तुलना में दोगति से बढ़ा है।31 मार्च 2021 तक संक्रमण की पहली लहर में जहां जिले में 3048 मरीज मिले थे, वहीं मंगलवार तक यह संख्या 7 हजार 971 तक पहुंच चुकी है। यानी संक्रमण की दूसरी लहर में 55 दिनों में 4 हजार 23 मरीज मिल चुके है।वहीं 31 मार्च तक मृतकों की संख्या 39 थी, मंगलवार तक यह संख्या 64 पहुंच चुकी है। यानी इन 55 दिनों में मिले 4 हजार 23 मरीजों में 25 मरीजों की मौत हो चुकी है। संक्रमण के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए इस पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के नौ ब्लाकों में 60 रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई। तीन सदस्यीय टीम जिसमें एक मेडिकल ऑफीसर, एक पैैरामेडिकल स्टॉफ तथा एक एलटी की तैनाती है। इसमें आठ टीमें नगर क्षेत्र में कार्य कर रही है, जबकि हर ब्लाक पर पांच टीमें कर रही है।
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सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि संक्रमित मरीज जो घर पर आइसोलेट किए गए हैं। उनका उपचार सही तरीके से हो और वह जल्द स्वस्थ हो इसके मद्देनजर रैपिड रिस्पांस टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा एंटीजन व आरटीपीसीआर का लक्ष्य बढ़ाया गया है। किसी मरीज की पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर सबसे पहले रैपिड रिस्पांस टीम संबंधित के घर का दौरा कर यह तय करती है। मरीज होम आइसोलेट किया जा सकता है। या नहीं। यदि उसकी हालत गंभीर होती है तो उसे कोविड अस्पताल में भर्ती कराती है। वर्तमान में जिले में 217 मरीज होम आईसोलेशन में इलाज करा रहे है।
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आऊट सोर्सिग से 25 हेल्थवर्करों की हुई है तैनाती
मऊ। सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह न बताया कि संक्रमण के रोकथाम के लिए गठित रैपिड रिस्पांस टीम में मानव संसाधन की कमी न हो उसके लिए आयुष के चिकित्सकों को भी इसमें शामिल किया गया है।असके अलावा 9 सीएचसी तथा 38 पीएचसी के कर्मचारी इसमें शामिल है।इसके अलावा 25 हेल्थवर्करों को आऊट सोर्सिग से तैनाती की गई है।