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ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम से बढ़ेगी छात्रों के सीखने की क्षमता
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मधुबन। फतहपुर मंडाव ब्लाक संसाधन केंद्र में चल रहा पांच दिवसीय ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम संपन्न हो गया।
इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की एससीईआरटी और केंद्र की एनसीईआरटी द्वारा नेशनल एचीवमेंट सर्वे की रिपोर्ट में यह सामने आया है कि कक्षा एक से दो तक के बच्चों की शैक्षिक संप्राप्ति कम होती है। इस कारण छात्र-छात्राएं कक्षा के अनुरूप दक्षता को न सीख पाने के कारण पिछड़ जाते हैं और उनका शैक्षिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। इसका परिणाम अनेक बार ड्रापआउट के रूप में होता है। बच्चों की इसी सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए प्राथमिक विद्यालयों में ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। यह कार्यक्रम दो लक्ष्य समूहों में चलाया जाएगा। एक समूह कक्षा एक व दो के छात्र-छात्राओं का होगा, जिसमें बच्चों को पाठन कौशल में सरल वाक्यों को पढ़ना और समझना, गणना में एक से बीस तक के अंकों की पहचान और 20 तक अंकों द्वारा सरल गणितीय सक्रियाएं कर पाना दिखाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसी तरह दूसरा समूह में कक्षा तीन, चार व पांच के छात्र-छात्राओं को होगा। इसमें पठन और लेखन कौशल में बच्चों को सरल अनुच्छेद पढ़ना और समझना, विचारों की मौखिक व लिखित अभिव्यक्ति का पाना, गणना में एक से 100 तक अंकों को पहचानना और आरंभिक संक्रियाएं का पाना सिखाने का लक्ष्य होगा। इस कार्ययोजना में ब्लाक संदर्भदाता शंशाक शेखर पांडेय, जमील अहमद, संजीव सिंह, सूर्यकांत तिवारी ने विकसित शिक्षण सामग्री तथा वर्कशीट्स, टेस्टिंग टूल्स और चार्ट-पोस्टर टीएलएम का प्रयोग करते हुए 80 शिक्षक शिक्षिकाओं को प्रशिक्षित किया गया। इस मौके पर राधेश्याम पांडेय, रविंद्र मौर्य, संजय सिंह,गुलाब गुप्त आदि उपस्थित रहे।
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इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की एससीईआरटी और केंद्र की एनसीईआरटी द्वारा नेशनल एचीवमेंट सर्वे की रिपोर्ट में यह सामने आया है कि कक्षा एक से दो तक के बच्चों की शैक्षिक संप्राप्ति कम होती है। इस कारण छात्र-छात्राएं कक्षा के अनुरूप दक्षता को न सीख पाने के कारण पिछड़ जाते हैं और उनका शैक्षिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। इसका परिणाम अनेक बार ड्रापआउट के रूप में होता है। बच्चों की इसी सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए प्राथमिक विद्यालयों में ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। यह कार्यक्रम दो लक्ष्य समूहों में चलाया जाएगा। एक समूह कक्षा एक व दो के छात्र-छात्राओं का होगा, जिसमें बच्चों को पाठन कौशल में सरल वाक्यों को पढ़ना और समझना, गणना में एक से बीस तक के अंकों की पहचान और 20 तक अंकों द्वारा सरल गणितीय सक्रियाएं कर पाना दिखाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसी तरह दूसरा समूह में कक्षा तीन, चार व पांच के छात्र-छात्राओं को होगा। इसमें पठन और लेखन कौशल में बच्चों को सरल अनुच्छेद पढ़ना और समझना, विचारों की मौखिक व लिखित अभिव्यक्ति का पाना, गणना में एक से 100 तक अंकों को पहचानना और आरंभिक संक्रियाएं का पाना सिखाने का लक्ष्य होगा। इस कार्ययोजना में ब्लाक संदर्भदाता शंशाक शेखर पांडेय, जमील अहमद, संजीव सिंह, सूर्यकांत तिवारी ने विकसित शिक्षण सामग्री तथा वर्कशीट्स, टेस्टिंग टूल्स और चार्ट-पोस्टर टीएलएम का प्रयोग करते हुए 80 शिक्षक शिक्षिकाओं को प्रशिक्षित किया गया। इस मौके पर राधेश्याम पांडेय, रविंद्र मौर्य, संजय सिंह,गुलाब गुप्त आदि उपस्थित रहे।
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