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बकाया चल रहा 97 लाख गन्ना बकाया का भुगतान
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:28 AM IST
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घोसी चीनी मिलों में पेराई सत्र की तैयारी अंतिम दौर में चल रही है। 26 नवंबर से पेराई सत्र का शुभारंभ होगा। लेकिन अभी तक किसानों के 97 लाख गन्ना बकाया का भुगतान नहीं किया जा सका है। यही नहीं 22गन्ना क्रय केंद्रों की भेजी गई सूची को गन्ना आयुक्त के द्वारा अभी तक अनुमोदन नहीं किया जा सका है।
किसान सहकारी चीनी मिल घोसी के वर्तमान पेराई सत्र का शुभारंभ 26नवंबर को होगा।किसानों को 18नवंबर से पर्ची जारी कर दिया जाएगा।इस बार पर्ची के निकालने का जिम्मा जीआरएल इंफोटेक लखनऊ को दिया गया है।वितरण सहकारी गन्ना समिति घोसी द्वारा किया जाएगा।पेराई सत्र के लिए मिल हाउस के साथ यार्ड में कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। पेराई सत्र 2018-19 के लिए 26 लाख कुंतल का लक्ष्य है। मिल में लगे वायु प्रदूषण यंत्र के साथ जल प्रदूषण यंत्र लगा देने से लोगों को राख और बदबूदार पानी से निजात मिलने की उम्मीद है। किसान सहकारी चीनी मिल घोसी जो कि 500करोड़ से अधिक के घाटे में चल रही है का वर्तमान पेराई सत्र 2018-19 का शुभारंभ पिछले सत्र की तुलना में इस वर्ष देर से शुरू होगा। इस वर्ष चीनी मिल द्वारा 22 गन्ना क्रय केंद्रों की भेजी गई सूची को गन्ना आयुक्त के द्वारा अभीतक अनुमोदन न होने से अभी तक केंद्रों की स्थापना प्रारंभ नहीं हो सकी है। चीनी मिल द्वारा चिमनी से निकलने वाले राख के प्रदूषण से बचाव के लिये दो करोड़ 67 लाख की लागत से प्लांट जल्द कार्य करने लगेगा। यही हाल जलप्रदूषण यंत्र का है। बीते सत्र में 59 करोड़ 68लाख 54हजार का गन्ना खरीदा गया था। इसमें से 58करोड़ 70 लाख 80 हजार का भुगतान हो चुका है।
इस संबंध में जीएम केएम सिंह ने बताया कि बाकी गन्ना मूल्य का भुगतान बहुत जल्द हो जाएगा। मुख्य गन्ना अधिकारी राम सेवक यादव ने बताया कि इस वर्ष 26 लाख कुंतल गन्ना पेरने का लक्ष्य है जो कि 27 हजार गन्ना किसानों के माध्यम से खरीदा जाएगा। किसानों को एसएमएस के माध्यम से गन्ना पर्ची की जानकारी मिलेगी। पर्ची न मिलने पर वे मोबाइल में एसएमएस से भी तौल कर सकते है।
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किसान सहकारी चीनी मिल घोसी के वर्तमान पेराई सत्र का शुभारंभ 26नवंबर को होगा।किसानों को 18नवंबर से पर्ची जारी कर दिया जाएगा।इस बार पर्ची के निकालने का जिम्मा जीआरएल इंफोटेक लखनऊ को दिया गया है।वितरण सहकारी गन्ना समिति घोसी द्वारा किया जाएगा।पेराई सत्र के लिए मिल हाउस के साथ यार्ड में कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। पेराई सत्र 2018-19 के लिए 26 लाख कुंतल का लक्ष्य है। मिल में लगे वायु प्रदूषण यंत्र के साथ जल प्रदूषण यंत्र लगा देने से लोगों को राख और बदबूदार पानी से निजात मिलने की उम्मीद है। किसान सहकारी चीनी मिल घोसी जो कि 500करोड़ से अधिक के घाटे में चल रही है का वर्तमान पेराई सत्र 2018-19 का शुभारंभ पिछले सत्र की तुलना में इस वर्ष देर से शुरू होगा। इस वर्ष चीनी मिल द्वारा 22 गन्ना क्रय केंद्रों की भेजी गई सूची को गन्ना आयुक्त के द्वारा अभीतक अनुमोदन न होने से अभी तक केंद्रों की स्थापना प्रारंभ नहीं हो सकी है। चीनी मिल द्वारा चिमनी से निकलने वाले राख के प्रदूषण से बचाव के लिये दो करोड़ 67 लाख की लागत से प्लांट जल्द कार्य करने लगेगा। यही हाल जलप्रदूषण यंत्र का है। बीते सत्र में 59 करोड़ 68लाख 54हजार का गन्ना खरीदा गया था। इसमें से 58करोड़ 70 लाख 80 हजार का भुगतान हो चुका है।
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इस संबंध में जीएम केएम सिंह ने बताया कि बाकी गन्ना मूल्य का भुगतान बहुत जल्द हो जाएगा। मुख्य गन्ना अधिकारी राम सेवक यादव ने बताया कि इस वर्ष 26 लाख कुंतल गन्ना पेरने का लक्ष्य है जो कि 27 हजार गन्ना किसानों के माध्यम से खरीदा जाएगा। किसानों को एसएमएस के माध्यम से गन्ना पर्ची की जानकारी मिलेगी। पर्ची न मिलने पर वे मोबाइल में एसएमएस से भी तौल कर सकते है।
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