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तीन महीने बाद लिपिक को दिये गए कागजात
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:24 AM IST
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मऊ। महिला जिला अस्पताल के सीएमएस और लिपिक का बीच विवाद में मंगलवार को नाटकीय मोड़ आया। कोतवाली पुलिस की मौजूदगी मेें सीएमएस और दूसरे कर्मचारियों की देखरेख में बंद लिपिक कक्ष का ताला खोलकर कक्ष में मौजूद सामग्रियों और दस्तावेजों की सूची बनाने के बाद बलिया से स्थानांतरित होकर आए लिपिक को रजिस्टर और अन्य कागजात सौंपे गए।
बताते चलें कि अस्पताल की सीएमएस डा. माधुुरी सिंह और कनिष्ठ लिपिक विनोद कुमार द्विवेदी में काफी समय से विवाद चला आ रहा है। लिपिक ने सीएमएस पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया था। तीन माह पूर्व लिपिक के खिलाफ शिकायत मिलने पर सीएमएस ने लिपिक के कक्ष का निरीक्षण कर दस्तावेजों की छानबीन की थी। अस्पताल के प्रयोग में लाए जाने के लिए 88 हजार के सामानों में हेरफेर मिलने पर कोतवाली में लिपिक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के साथ उसके कक्ष को सीज कर दिया गया था। इस बीच अस्पताल में कार्यालयीय कार्य बाधित रहा। पिछले एक माह से बलिया जिले से स्थानांतरित होकर आए लिपिक सुशील सिंह को चार्ज देने के लिए मंगलवार को सीएमएस और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में कक्ष का ताला खोलकर दस्तावेजों का मिलान कर उसकी रिपोर्ट तैयार करने के बाद कागजात सहित कक्ष की चाभी लिपिक को सुपुर्द कर दिए गए। इस दौरान लिपिक विनोद कुमार द्विवेदी भी मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान सारी कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिग की गई।
सीएमएस का हो चुका हैं स्थानांतरण
मऊ। शासन की ओर से सीएमएस डा. माधुरी सिंह का भी स्थानांतरण 22 मई 2018 को बलिया के डा. भीमराव अंबेडकर बाल चिकित्सालय के लिए किया जा चुका है लेकिन बलिया मेें इस नाम का कोई चिकित्सालय नहीं है। इधर, स्थानांतरण आदेश से पूर्व डा. माधुरी सिंह 47 दिनों के मेडिकल अवकाश पर चली गई थीं। अवकाश से लौटने के बाद यहीं ज्वाइन कर वे महिला अस्पताल का कार्य भार देख रही हैं।
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आपसी विवाद में तीन माह से रुका पड़ा है वेतन
मऊ। सीएमएस और लिपिक के बीच हुए विवाद और उसी दौरान सीएमएस के 47 दिन के अवकाश पर चले जाने से डाक्टरों और कर्मचारियों का वेतन तीन महीने से रुका हुआ है। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर वेतन भुगतान की व्यवस्था करने की मांग की है। वेतन न मिलने की दशा में कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
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बताते चलें कि अस्पताल की सीएमएस डा. माधुुरी सिंह और कनिष्ठ लिपिक विनोद कुमार द्विवेदी में काफी समय से विवाद चला आ रहा है। लिपिक ने सीएमएस पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया था। तीन माह पूर्व लिपिक के खिलाफ शिकायत मिलने पर सीएमएस ने लिपिक के कक्ष का निरीक्षण कर दस्तावेजों की छानबीन की थी। अस्पताल के प्रयोग में लाए जाने के लिए 88 हजार के सामानों में हेरफेर मिलने पर कोतवाली में लिपिक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के साथ उसके कक्ष को सीज कर दिया गया था। इस बीच अस्पताल में कार्यालयीय कार्य बाधित रहा। पिछले एक माह से बलिया जिले से स्थानांतरित होकर आए लिपिक सुशील सिंह को चार्ज देने के लिए मंगलवार को सीएमएस और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में कक्ष का ताला खोलकर दस्तावेजों का मिलान कर उसकी रिपोर्ट तैयार करने के बाद कागजात सहित कक्ष की चाभी लिपिक को सुपुर्द कर दिए गए। इस दौरान लिपिक विनोद कुमार द्विवेदी भी मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान सारी कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिग की गई।
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सीएमएस का हो चुका हैं स्थानांतरण
मऊ। शासन की ओर से सीएमएस डा. माधुरी सिंह का भी स्थानांतरण 22 मई 2018 को बलिया के डा. भीमराव अंबेडकर बाल चिकित्सालय के लिए किया जा चुका है लेकिन बलिया मेें इस नाम का कोई चिकित्सालय नहीं है। इधर, स्थानांतरण आदेश से पूर्व डा. माधुरी सिंह 47 दिनों के मेडिकल अवकाश पर चली गई थीं। अवकाश से लौटने के बाद यहीं ज्वाइन कर वे महिला अस्पताल का कार्य भार देख रही हैं।
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आपसी विवाद में तीन माह से रुका पड़ा है वेतन
मऊ। सीएमएस और लिपिक के बीच हुए विवाद और उसी दौरान सीएमएस के 47 दिन के अवकाश पर चले जाने से डाक्टरों और कर्मचारियों का वेतन तीन महीने से रुका हुआ है। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर वेतन भुगतान की व्यवस्था करने की मांग की है। वेतन न मिलने की दशा में कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।