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समय रहते नहीं जागृत हुए, बेटियों के बिना सूना हो जाएगा देश
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:17 AM IST
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कोपागंज। राष्ट्रव्यापी अभियान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को लेकर क्षेत्र के बीएसएस महाविद्यालय में गुरुवार को श्याम संजीवनी अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें समाज में बेटियों के प्रति उपेक्षित व्यवहार और लैंगिक असमानता की ओर समाज का ध्यान आकर्षित करने और बेटियों के महत्व समेत बारे दूसरे विषयों पर विचार व्यक्त किया गया। शुभारंभ इटावा के भाजपा विधायक और बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के प्रदेश सहसंयोजक सरिता भदौरिया द्वारा भारत माता के तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
सरिता भदौरिया ने कहा कि भारतीय समाज में महिलाओं के साथ उपेक्षित व्यवहार होता रहा है। जिसे हमेशा महिलाओं ने सहन किया है, लेकिन वर्तमान में देश में जिस तरह से बेटों की चाहत में कन्या भ्रूण हत्या के चलते गिरते लिंगानुपात की स्थिति ऐसे ही बनी रही तो भविष्य में देश में बेटियों के बिना सूना हो जाएगा। कॉलेज प्रबंधक मनीष राय , संयोजक अलका मिश्रा समेत कॉलेज स्टॉफगण और छात्र मौजूद रहे। डॉ अलका राय ने कहा की बेटी को अनमोल धन बताते हुए कहा कि बेटे को घर का चिराग कहा जाता है, मगर सच्चाई यह है कि बेटा केवल एक घर का चिराग होता है, जबकि बेटियां दो घरों को रोशन करती हैं। इसलिए बेटियों की पढ़ाई बेहद जरूरी है। पढ़-लिख कर बेटियां आत्मनिर्भर बनने के साथ परिवार का नाम रोशन करती हैं।
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सरिता भदौरिया ने कहा कि भारतीय समाज में महिलाओं के साथ उपेक्षित व्यवहार होता रहा है। जिसे हमेशा महिलाओं ने सहन किया है, लेकिन वर्तमान में देश में जिस तरह से बेटों की चाहत में कन्या भ्रूण हत्या के चलते गिरते लिंगानुपात की स्थिति ऐसे ही बनी रही तो भविष्य में देश में बेटियों के बिना सूना हो जाएगा। कॉलेज प्रबंधक मनीष राय , संयोजक अलका मिश्रा समेत कॉलेज स्टॉफगण और छात्र मौजूद रहे। डॉ अलका राय ने कहा की बेटी को अनमोल धन बताते हुए कहा कि बेटे को घर का चिराग कहा जाता है, मगर सच्चाई यह है कि बेटा केवल एक घर का चिराग होता है, जबकि बेटियां दो घरों को रोशन करती हैं। इसलिए बेटियों की पढ़ाई बेहद जरूरी है। पढ़-लिख कर बेटियां आत्मनिर्भर बनने के साथ परिवार का नाम रोशन करती हैं।
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