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पीक आवर में पानी न आने से किसान परेशान
Updated Mon, 11 Dec 2017 11:21 PM IST
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रतनपुरा। अगेती रबी की सिंचाई के पीक आवर में शारदा सहायक खंड 32 और कुशाडीह माइनर में अभी तक पानी न छोड़े जाने से किसानों को फसल के नुकसान की चिंता सताने लगी है। परेशान किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
शारदा सहायक खंड 32 नहर से क्षेत्र के मेऊडीकला, करऊत, गाढ़ा, रतनपुरा, जोगापुर, मुबारकपुर, धरमागतपुर, मऊकुबेर, दतौड़ा, गुलौरी सहित लगभग दो दर्जन गांवों के लगभग एक हजार एकड उपजाऊ भूमि की सिंचाई होती है। जबकि कुशाडीह माइनर से क्षेत्र के बिलौझा, कुशाडीह, नसीराबादकला सहित विभिन्न गांवों की सैकड़ों एकड़ उपजाऊं भूमि की सिंचाई की जाती है। नहर में पानी न आने से अगेती रबी की फसल की सिंचाई न होने से फसल पर विपरीत असर पड़ रहा है। क्षेत्र के किसान रविंद्र यादव, श्रीकांत सिंह, मुमताज अहमद, बशीर अंसारी, पवन कुमार, महातम सिंह, राजेश कुमार का कहना है कि किसानों की जरूरत के समय नहर में पानी न छोडे़ जाने से खेती भगवान भरोसे हो रही है। पंपिंग सेट से 130 से 140 रुपये प्रति घंटे की दर से सिंचाई करना हम लोगों के वश की बात नहीं है। बिजली भी समय से नहीं मिल रही हैं। अगर नहर में पानी अविलंब नहीं छोड़ा गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
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शारदा सहायक खंड 32 नहर से क्षेत्र के मेऊडीकला, करऊत, गाढ़ा, रतनपुरा, जोगापुर, मुबारकपुर, धरमागतपुर, मऊकुबेर, दतौड़ा, गुलौरी सहित लगभग दो दर्जन गांवों के लगभग एक हजार एकड उपजाऊ भूमि की सिंचाई होती है। जबकि कुशाडीह माइनर से क्षेत्र के बिलौझा, कुशाडीह, नसीराबादकला सहित विभिन्न गांवों की सैकड़ों एकड़ उपजाऊं भूमि की सिंचाई की जाती है। नहर में पानी न आने से अगेती रबी की फसल की सिंचाई न होने से फसल पर विपरीत असर पड़ रहा है। क्षेत्र के किसान रविंद्र यादव, श्रीकांत सिंह, मुमताज अहमद, बशीर अंसारी, पवन कुमार, महातम सिंह, राजेश कुमार का कहना है कि किसानों की जरूरत के समय नहर में पानी न छोडे़ जाने से खेती भगवान भरोसे हो रही है। पंपिंग सेट से 130 से 140 रुपये प्रति घंटे की दर से सिंचाई करना हम लोगों के वश की बात नहीं है। बिजली भी समय से नहीं मिल रही हैं। अगर नहर में पानी अविलंब नहीं छोड़ा गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
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