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प्रतिदिन 110 मीट्रिक टन कूड़े से पट रहा शहर
Updated Fri, 17 Nov 2017 11:38 PM IST
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मऊ। एक बार फिर से निकाय चुनाव आ गया, लेकिन 2012 के नगर पालिका चुनाव में नगर के कूड़े के निस्तारण के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने का तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष साहिना अरशद जमाल के स्तर से किया गया पिछला वादा पूरा नहीं हो सका है। हालांकि उनके एवं जिला प्रशासन के स्तर से जमीन तलाशने का काफी प्रयास किया गया। लेकिन जमीन मानकानुरूप न होने से प्लांट लगाने की कवायद परवान नहीं चढ़ पाई। ऐसे में कूड़ें का स्थाई प्रबंध न होने से लोगों की मुश्किलें दिन- प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। कूड़ा निस्तारण संयंत्र के अभाव में पूरा शहर कूड़े के अंबार से पटता जा रहा है। जो आगामी पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने वाले के लिए चुनौतिपूर्ण बन गया है।
एक आंकड़े के अनुसार प्रतिदिन नगरपालिका क्षेत्र से 110 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। जो स्वच्छ पर्यावरण के और प्रशासन के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। खुद पालिका प्रशासन का कहना है कि यहां जल्द ही कूड़ा निस्तारण संयंत्र नहीं लगा तो स्थिति भयावह हो सकती है। इसके लिए भूमि खोजी जा रही है। इसके चलते संयंत्र लगने में विलंब हो रहा है।
दरअसल मऊ नगरपालिका की कुल आबादी 3 लाख 14 हजार है। जबकि यहां कुल मदाताओं की संख्या दो लाख 18 हजार से अधिक है। इतनी बड़ी आबादी नगरपालिका प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है क्योंकि जनसंख्या के हिसाब से यहां प्रतिदिन कूड़ा निकलने की मात्रा बढ़ती ही जा रही है। जिसको लेकर 2012 के निकाय चुनाव में कई दलों ने कचरा प्रबंधन को अहम मुद्दा बनाया था। जिसे भुनाने की हरकिसी के स्तर से कोशिश की गई थी। इसमें वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष साहिना अरशद जमाल भी शामिल रहीं। पालिका अध्यक्ष का कहना है कि इस योजना के तहत संयंत्र लगने में सबसे बड़ी बाधा जमीन की अनुपलब्धता है। हालांकि नगर पालिका प्रशासन के स्तर से परदहां में इस योजना के तहत दो हेक्टेयर से अधिक भूमि खोजी भी गई थी, लेकिन यह जमीन आबादी के निकट थी और पड़ोस में ही विद्यालयों के होने से निरस्त कर दिया गया। इसके चलते इस भूमि पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगना संभव नहीं हो पाया। इसके चलते पालिका प्रशासन इस स्थान को छोड़कर नगर से दूर पांच हेक्टेयर से अधिक भूमि की तलाश कर रहा है। लेकिन पिछले कई सालों के प्रयास के बाद भी भूमि नहीं मिल पाई। इसके लिए पूर्व के जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासन का भी प्रयास काम नहीं आया जब कि धीरे-धीरे यह समस्या पालिका प्रशासन के गले की हड्डी बनती जा रही है। इसके अलावा आगामी नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने वालों के लिए भी यह चुनावी मुद्दा मिल गया है। देखना यह होगा कि क्या इस संयंत्र को नगर में स्थापित करने के लिए कोई पार्टी अपने चुनावी एजेंडे में शामिल करती हैं अथवा नहीं। संभव यह भी है कि जो इस प्लांट को लगाने का वादा करेगा जनता का अधिक रूझान उस दल की ओर होगा।
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इनसेट
प्रतिक्रिया फोटो -
कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था करने वाले को मिलेगी प्राथमिकता
मऊ। नगर में प्रतिदिन इकट्ठ हो रहे कूड़े से नगरपालिका के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। आए दिन यहां पर बीमारियों का प्रकोप फैल रहा है। संक्रामक बीमारियां तो मोहल्ले में प्रवेश करने के बाद कईयों की जान ले ले रही हैं। इसके चलते लोग कूड़े के प्रभाव में आने लगे हैं। इस संबंध में नगर के लोगों का कहना है कि चुनाव में वह कूड़ा निस्तारण को लेकर गंभीर रहने वाले प्रत्याशी को प्राथमिकता देंगे।
आलोक खंडेलवाल का कहना है किसी भी नगर की पहचान उसकी साफ-सफाई के साथ सुविधाओं से होती है लेकिन नगर में कूड़ा और कचरा अधिक बढ़ गया है।
जमाल अर्पण का कहना है कि नगर में कूड़ा निस्तारण योजना न लागू होने एवं प्लांट की व्यवस्था न होने से शहर में गंदगी दिन प्रतिदिन जानलेवा होती जा रहीहै।
अनुराग बरनवाल का कहना है कि नगर का कूड़ा धीरे-धीरे एक गंभीर समस्या बनती जा रही है जिसका निस्ताण यथाशीघ्र जरूरी है।
विजय सराफ का कहना है कि नगर में कूड़ा के निस्ताण को प्राथमिकता देने वाले प्रत्याशियों को इस बार चुनाव में प्राथमिकता मिलेगी।
कोट
नगरपालिका में प्रतिदिन निकल रहे 110 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण और प्लांट के लिए 5 हेक्टेयर की भूमि तलाश क ी जा रही है। भूमि की व्यवस्था सुिनिश्चित होते ही शासन से संयंत्र लगाकर इस समस्या का समाधान किया जाएगा। बताया कि संयंत्र न लगने के अभाव में खाली जमीनों पर कूड़ा इधर-उधर पाटा जा रहा है।----आशीष वाजपेयी-अधिशासी अधिकारी-नगरपालिका-मऊ।
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एक आंकड़े के अनुसार प्रतिदिन नगरपालिका क्षेत्र से 110 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। जो स्वच्छ पर्यावरण के और प्रशासन के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। खुद पालिका प्रशासन का कहना है कि यहां जल्द ही कूड़ा निस्तारण संयंत्र नहीं लगा तो स्थिति भयावह हो सकती है। इसके लिए भूमि खोजी जा रही है। इसके चलते संयंत्र लगने में विलंब हो रहा है।
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दरअसल मऊ नगरपालिका की कुल आबादी 3 लाख 14 हजार है। जबकि यहां कुल मदाताओं की संख्या दो लाख 18 हजार से अधिक है। इतनी बड़ी आबादी नगरपालिका प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है क्योंकि जनसंख्या के हिसाब से यहां प्रतिदिन कूड़ा निकलने की मात्रा बढ़ती ही जा रही है। जिसको लेकर 2012 के निकाय चुनाव में कई दलों ने कचरा प्रबंधन को अहम मुद्दा बनाया था। जिसे भुनाने की हरकिसी के स्तर से कोशिश की गई थी। इसमें वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष साहिना अरशद जमाल भी शामिल रहीं। पालिका अध्यक्ष का कहना है कि इस योजना के तहत संयंत्र लगने में सबसे बड़ी बाधा जमीन की अनुपलब्धता है। हालांकि नगर पालिका प्रशासन के स्तर से परदहां में इस योजना के तहत दो हेक्टेयर से अधिक भूमि खोजी भी गई थी, लेकिन यह जमीन आबादी के निकट थी और पड़ोस में ही विद्यालयों के होने से निरस्त कर दिया गया। इसके चलते इस भूमि पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगना संभव नहीं हो पाया। इसके चलते पालिका प्रशासन इस स्थान को छोड़कर नगर से दूर पांच हेक्टेयर से अधिक भूमि की तलाश कर रहा है। लेकिन पिछले कई सालों के प्रयास के बाद भी भूमि नहीं मिल पाई। इसके लिए पूर्व के जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासन का भी प्रयास काम नहीं आया जब कि धीरे-धीरे यह समस्या पालिका प्रशासन के गले की हड्डी बनती जा रही है। इसके अलावा आगामी नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने वालों के लिए भी यह चुनावी मुद्दा मिल गया है। देखना यह होगा कि क्या इस संयंत्र को नगर में स्थापित करने के लिए कोई पार्टी अपने चुनावी एजेंडे में शामिल करती हैं अथवा नहीं। संभव यह भी है कि जो इस प्लांट को लगाने का वादा करेगा जनता का अधिक रूझान उस दल की ओर होगा।
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कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था करने वाले को मिलेगी प्राथमिकता
मऊ। नगर में प्रतिदिन इकट्ठ हो रहे कूड़े से नगरपालिका के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। आए दिन यहां पर बीमारियों का प्रकोप फैल रहा है। संक्रामक बीमारियां तो मोहल्ले में प्रवेश करने के बाद कईयों की जान ले ले रही हैं। इसके चलते लोग कूड़े के प्रभाव में आने लगे हैं। इस संबंध में नगर के लोगों का कहना है कि चुनाव में वह कूड़ा निस्तारण को लेकर गंभीर रहने वाले प्रत्याशी को प्राथमिकता देंगे।
आलोक खंडेलवाल का कहना है किसी भी नगर की पहचान उसकी साफ-सफाई के साथ सुविधाओं से होती है लेकिन नगर में कूड़ा और कचरा अधिक बढ़ गया है।
जमाल अर्पण का कहना है कि नगर में कूड़ा निस्तारण योजना न लागू होने एवं प्लांट की व्यवस्था न होने से शहर में गंदगी दिन प्रतिदिन जानलेवा होती जा रहीहै।
अनुराग बरनवाल का कहना है कि नगर का कूड़ा धीरे-धीरे एक गंभीर समस्या बनती जा रही है जिसका निस्ताण यथाशीघ्र जरूरी है।
विजय सराफ का कहना है कि नगर में कूड़ा के निस्ताण को प्राथमिकता देने वाले प्रत्याशियों को इस बार चुनाव में प्राथमिकता मिलेगी।
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नगरपालिका में प्रतिदिन निकल रहे 110 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण और प्लांट के लिए 5 हेक्टेयर की भूमि तलाश क ी जा रही है। भूमि की व्यवस्था सुिनिश्चित होते ही शासन से संयंत्र लगाकर इस समस्या का समाधान किया जाएगा। बताया कि संयंत्र न लगने के अभाव में खाली जमीनों पर कूड़ा इधर-उधर पाटा जा रहा है।----आशीष वाजपेयी-अधिशासी अधिकारी-नगरपालिका-मऊ।