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अपहर्ता के चंगुल से भाग निकला किशोर
Updated Sat, 07 Oct 2017 11:59 PM IST
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मधुबन। थाना क्षेत्र के ग्रामसभा नत्थूपुर निवासी एक 15 वर्षीय छात्र के अपहरण की खबर से उसके परिवार वालों में खलबली मच गई थी। लेकिन अपहरण कर्ताओ के चंगुल से भाग निकले किशोर के घर के आने पर परिजनों ने शनिवार को राहत की सांस ली। घर पहुंचे किशोर ने अपनी दास्तान सुनाई तो लोगों के आंखों में आंसू आ गए। फिलहाल शनिवार को पुलिस किशोर को थाने बुलाकर पूछताछ कर रही है।
क्षेत्र के नत्थूपुर निवासी ब्रिकेश यादव पुत्र जयप्रकाश यादव शुक्रवार की शाम लगभग साढ़े तीन बजे अपने सिपाह स्थित कोचिंग पढ़ने गया था। ब्रिकेश के मुताबिक वह सड़क पर खड़ा था, उसी समय एक स्कार्पियों आकर खड़ी हुई और उन लोगों ने उससे मधुबन का रास्ता पूछा। जैसे ही ब्रिकेश गाड़ी के पास आया गाड़ी में बैठे लोगों ने उसे जबरदस्ती गाड़ी की बिचली सीट पर बैठा लिया।इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने उसे धमकाकर उससे अपने किसी परिचित को चिट्ठी लिखने को कहा। चिट्ठी में ब्रिकेश ने अपने भाई को संबोधित एक निर्देश लिखा कि हमे खोजने की कोशिश नहीं करना नहीं तो ये लोग हमारी हत्या कर देंगे। इस चिट्ठी को अहिरौली गांव का एक लड़का शुक्रवार की देर शाम ब्रिकेश के घर पहुंचा दिया। घर वाले चिट्ठी पढ़कर परेशान हो गए।आनन फानन में उन्होंने इसकी सूचना थाने पर दी। उधर ब्रिकेश की माने तो अपहरणकर्ता उसका मुंह, हाथ बांधकर आंख पर पट्टी बांध दिए। इसके बाद देर रात तक वह उसे गाड़ी में घुमाते रहे। लगभग बारह बजे स्कार्पियो सवार बलिया में उतरकर किसी ढाबे पर चाय पी रहे थे वहीं पर उसको भी चाय पीने को दिया गया। उस समय उसका हाथ और आंख मुंह खोल दिया गया था। जब कथित अपहरणकर्ता चाय पीने में मस्त हो गए तो ब्रिकेश धीरे से उतरकर अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया। रात में छिपकर वह किसी तरह रेलवे स्टेशन पहुंचा और छिपा रहा। आज सबेरे जब मऊ के लिए रेलगाड़ी आई है तो वह मऊ आया। उसके बाद लगभग ग्यारह बजे घर पहुंचा तो घरवालों को संतुष्टि मिली। इसके बाद वह थाने आकर अपनी आप बीती सुनाया। पुलिस किशोर से देरशाम तक पूछताछ कर रही थी।
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क्षेत्र के नत्थूपुर निवासी ब्रिकेश यादव पुत्र जयप्रकाश यादव शुक्रवार की शाम लगभग साढ़े तीन बजे अपने सिपाह स्थित कोचिंग पढ़ने गया था। ब्रिकेश के मुताबिक वह सड़क पर खड़ा था, उसी समय एक स्कार्पियों आकर खड़ी हुई और उन लोगों ने उससे मधुबन का रास्ता पूछा। जैसे ही ब्रिकेश गाड़ी के पास आया गाड़ी में बैठे लोगों ने उसे जबरदस्ती गाड़ी की बिचली सीट पर बैठा लिया।इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने उसे धमकाकर उससे अपने किसी परिचित को चिट्ठी लिखने को कहा। चिट्ठी में ब्रिकेश ने अपने भाई को संबोधित एक निर्देश लिखा कि हमे खोजने की कोशिश नहीं करना नहीं तो ये लोग हमारी हत्या कर देंगे। इस चिट्ठी को अहिरौली गांव का एक लड़का शुक्रवार की देर शाम ब्रिकेश के घर पहुंचा दिया। घर वाले चिट्ठी पढ़कर परेशान हो गए।आनन फानन में उन्होंने इसकी सूचना थाने पर दी। उधर ब्रिकेश की माने तो अपहरणकर्ता उसका मुंह, हाथ बांधकर आंख पर पट्टी बांध दिए। इसके बाद देर रात तक वह उसे गाड़ी में घुमाते रहे। लगभग बारह बजे स्कार्पियो सवार बलिया में उतरकर किसी ढाबे पर चाय पी रहे थे वहीं पर उसको भी चाय पीने को दिया गया। उस समय उसका हाथ और आंख मुंह खोल दिया गया था। जब कथित अपहरणकर्ता चाय पीने में मस्त हो गए तो ब्रिकेश धीरे से उतरकर अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया। रात में छिपकर वह किसी तरह रेलवे स्टेशन पहुंचा और छिपा रहा। आज सबेरे जब मऊ के लिए रेलगाड़ी आई है तो वह मऊ आया। उसके बाद लगभग ग्यारह बजे घर पहुंचा तो घरवालों को संतुष्टि मिली। इसके बाद वह थाने आकर अपनी आप बीती सुनाया। पुलिस किशोर से देरशाम तक पूछताछ कर रही थी।
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