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कब शुरू होगा शहीद मार्ग पर मरम्मत
Updated Wed, 12 Jul 2017 11:51 PM IST
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मझवारा। क्षेत्र का अदरी-मधुबन शहीद मार्ग बदहाल पड़ा है। मझवारा बाजार स्थित इंदारा मोड़ से लेकर सेमरीजमालपुर तक लगभग दो किलोमीटर सड़क पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। बारिश के बाद सड़क तालाब के रुप में तब्दील हो चुकी है। सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने के चलते यात्रा करना भारी पड़ रहा है। लोगों ने लोक निर्माण विभाग के आला अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा, लेकिन अभी तक सड़क पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया जा सका है। इससे लोग आक्रोशित हैं। साथ ही आंदोलन की चेतावनी दी है।
एक जमाना था जब शहीद मार्ग की गिनती पूर्वांचल की बेहतरीन सड़कों में होती थी। लेकिन जिस विकास पुरुष स्व. कल्पनाथ राय ने सड़क बनवाया था। उन्हीं के गांव से गुजरे शहीद मार्ग की स्थिति दयनीय है। मझवारा बाजार स्थित इंदारा मोड़ से लेकर सेमरीजमालपुर तक लगभग दो किलोमीटर सड़क पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। बरसात होने केे बाद सड़क तालाब की शक्ल में दिखायी दे रही है। सड़क पर पानी जमा रहने से सड़क का पता नहीं चल पा रहा है। गड्ढे में फंसकर दुपहिया वाहन चालक और साइकलसवार चुटहिल हो जा रहे हैं। हमेशा जलजमाव रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोग मच्छरजनित बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।शासन की तरफ से 15 जून तक गड्ढामुक्त करने के आदेश के बाद भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने से नाराज ग्रामीण आंदोलन करने की रणनीति तय करने में जुट गए हैं।
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एक जमाना था जब शहीद मार्ग की गिनती पूर्वांचल की बेहतरीन सड़कों में होती थी। लेकिन जिस विकास पुरुष स्व. कल्पनाथ राय ने सड़क बनवाया था। उन्हीं के गांव से गुजरे शहीद मार्ग की स्थिति दयनीय है। मझवारा बाजार स्थित इंदारा मोड़ से लेकर सेमरीजमालपुर तक लगभग दो किलोमीटर सड़क पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। बरसात होने केे बाद सड़क तालाब की शक्ल में दिखायी दे रही है। सड़क पर पानी जमा रहने से सड़क का पता नहीं चल पा रहा है। गड्ढे में फंसकर दुपहिया वाहन चालक और साइकलसवार चुटहिल हो जा रहे हैं। हमेशा जलजमाव रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोग मच्छरजनित बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।शासन की तरफ से 15 जून तक गड्ढामुक्त करने के आदेश के बाद भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने से नाराज ग्रामीण आंदोलन करने की रणनीति तय करने में जुट गए हैं।
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