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Mau News: 43,709 के लक्ष्य से अधिक 45005 घरौनी तैयार, होगा वितरण
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मऊ। जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने स्वामित्व योजना के तहत स्वामित्व कार्ड या घरौनी वितरण के संबंध में बृहस्पतिवार का कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता की। बताया कि राजस्व परिषद से घरौनी वितरण के लिए 43709 का लक्ष्य दिया गया है जिसके सापेक्ष 45005 घरौनियां तैयार हैं।
राज्य सरकार गांव के हर घर के लिए संपत्ति कार्ड बनाती है, जिसे स्वामित्व कार्ड या घरौनी के रूप में जाना जाता है। जनपद में तैयार घरौनियों से संबंधित डाटा के संदर्भ में बताया कि तैयार घरौनियों की संख्या 75,919 है, जिसमें 24 अप्रैल 2023 तक कुल 30914 घरौनियों का वितरण भी किया जा चुका है। ग्राम पंचायत, ब्लॉक एवं जनपद स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है, जो तैयार सभी घरौनियों का वितरण सुनिश्चित करेंगे। बताया कि स्वामित्व योजना का शुभारंभ 24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर किया गया था। यह सामाजिक,आर्थिक सशक्तिकरण और अधिक आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत को बढ़ावा देने का एक सर्वेक्षण कार्यक्रम है। इसमें ग्रामीण नियोजन के सटीक भूमि अभिलेख तैयार करना, वित्तीय स्थिरता,जिससे नागरिकों को ऋण और अन्य वित्तीय लाभ लेने में सक्षम बनाना, संपत्ति विवाद को कम करना, सटीक भूमि रिकॉर्ड उपलब्ध कराकर संपत्ति विवादों को कम करना, राजस्व संग्रहण को सुव्यवस्थित करना और यह सुनिश्चित करना कि निवासियों को उनके संपत्ति अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाए। यह योजना ग्रामीण आबादी वाली भूमि के सीमांकन के लिए ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक पर आधारित है।
राज्य सरकार गांव के हर घर के लिए संपत्ति कार्ड बनाती है, जिसे स्वामित्व कार्ड या घरौनी के रूप में जाना जाता है। जनपद में तैयार घरौनियों से संबंधित डाटा के संदर्भ में बताया कि तैयार घरौनियों की संख्या 75,919 है, जिसमें 24 अप्रैल 2023 तक कुल 30914 घरौनियों का वितरण भी किया जा चुका है। ग्राम पंचायत, ब्लॉक एवं जनपद स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है, जो तैयार सभी घरौनियों का वितरण सुनिश्चित करेंगे। बताया कि स्वामित्व योजना का शुभारंभ 24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर किया गया था। यह सामाजिक,आर्थिक सशक्तिकरण और अधिक आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत को बढ़ावा देने का एक सर्वेक्षण कार्यक्रम है। इसमें ग्रामीण नियोजन के सटीक भूमि अभिलेख तैयार करना, वित्तीय स्थिरता,जिससे नागरिकों को ऋण और अन्य वित्तीय लाभ लेने में सक्षम बनाना, संपत्ति विवाद को कम करना, सटीक भूमि रिकॉर्ड उपलब्ध कराकर संपत्ति विवादों को कम करना, राजस्व संग्रहण को सुव्यवस्थित करना और यह सुनिश्चित करना कि निवासियों को उनके संपत्ति अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाए। यह योजना ग्रामीण आबादी वाली भूमि के सीमांकन के लिए ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक पर आधारित है।
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