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‘एक्सपो-2018’ में छात्रों ने दिखाई प्रतिभा
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:19 AM IST
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क्षेत्र के चालीसवां स्थित अमृत मेमोरियल हायर सेकेंडरी स्कूल में कला प्रदर्शनी ‘एक्सपो-2018’ का आयोजन किया गया। एक्सपो में छात्रों ने विभिन्न माध्यमों से कलाओं का प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीएचयू के पूर्व प्रोफेसर व शिक्षाविद डॉ. एसके सिंह ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि बच्चों में छुपी प्रतिभा मेें निखार लाने की जरूरत होती है। अमृत मेमोरियल हायर सेकेंडरी स्कूल में विभिन्न कलाओं और विषयों से संबंधित प्रदर्शनी ‘एक्सपो-2018’ में छात्रों ने अपनी प्रतिभा का बखूबी प्रदर्शन किया। साइंस, कला, नृत्य, कराते, बॉक्सिंग, सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयो के अलावा शैक्षिक और सांस्कृतिक विषयों पर अपने मॉडलों और पोस्टरों के माध्यम से लोगों का ध्यान आकृष्ट कराया। देश के विभिन्न प्रदेशों के नृत्य कुचीपुड़ी, कत्थक, बीहू, ओड़ीसी, भांगड़ा, आदि नृत्यों का प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मानने पर मजबूर कर दिया। विज्ञान प्रदर्शनी में जल बचत पर अपना मॉडल बनाकर बच्चों ने कम बारिश वाले क्षेत्रों में भी भरपूर फसल उगाने के लिए मॉडल पेश किया। मुख्य अतिथि डॉ. एसके सिंह ने कहा कि मौजूदा समय मे शिक्षा व्यवस्था में काफी बदलाव हो गया है। आधुनिक संसाधनों के चलते अब सीखने की प्रक्रिया काफी सरल हो गई है। इस अवसर पर प्रबंधक राणा प्रताप सिंह, प्रिंसिपल चांदनी रुख़य्यार, शालिनी सिंह, विपाशा आदि उपस्थित रहे।
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मुख्य अतिथि ने कहा कि बच्चों में छुपी प्रतिभा मेें निखार लाने की जरूरत होती है। अमृत मेमोरियल हायर सेकेंडरी स्कूल में विभिन्न कलाओं और विषयों से संबंधित प्रदर्शनी ‘एक्सपो-2018’ में छात्रों ने अपनी प्रतिभा का बखूबी प्रदर्शन किया। साइंस, कला, नृत्य, कराते, बॉक्सिंग, सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयो के अलावा शैक्षिक और सांस्कृतिक विषयों पर अपने मॉडलों और पोस्टरों के माध्यम से लोगों का ध्यान आकृष्ट कराया। देश के विभिन्न प्रदेशों के नृत्य कुचीपुड़ी, कत्थक, बीहू, ओड़ीसी, भांगड़ा, आदि नृत्यों का प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मानने पर मजबूर कर दिया। विज्ञान प्रदर्शनी में जल बचत पर अपना मॉडल बनाकर बच्चों ने कम बारिश वाले क्षेत्रों में भी भरपूर फसल उगाने के लिए मॉडल पेश किया। मुख्य अतिथि डॉ. एसके सिंह ने कहा कि मौजूदा समय मे शिक्षा व्यवस्था में काफी बदलाव हो गया है। आधुनिक संसाधनों के चलते अब सीखने की प्रक्रिया काफी सरल हो गई है। इस अवसर पर प्रबंधक राणा प्रताप सिंह, प्रिंसिपल चांदनी रुख़य्यार, शालिनी सिंह, विपाशा आदि उपस्थित रहे।
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