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संसद में सांसद घोसी ने पुरूष आयोग के गठन की उठाई आवाज
Updated Sun, 05 Aug 2018 12:48 AM IST
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लोक सभा घोसी के सांसद हरिनाराण राजभर ने शुक्रवार को संसद में शून्य काल के दौरान संसदीय क्षेत्र के विकास की मांग के साथ देश में पुरुष आयोग गठन करने की मांग भी उठाई। कहा कि देश में बहुत से आयोग महिला आयोग, पिछड़ा आयोग सहित ऐसे तमाम आयोग गठित किए गए हैं। लेकिन पुरुषों की समस्या के निस्तारण के लिए कोई पुरूष आयोग का गठन नहीं किया गया है।
सांसद के निजी सचिव और मीडिया सलाहकार अधिवक्ता शैलेंद्र जायसवाल ने बताया कि संसद में सांसद ने तर्क दिया कि पुरुषों को प्रताड़ित करते हुए महिलाओं की तरफ से केस किया जाता है। ऐसे हजारो मामले दर्ज होकर लंबित हैं। उन पीड़ित पुरुषों को न्याय दिलाने के लिए देश में पुरुष आयोग बनाया जाना जरूरी है।
इसके अलावा सांसद ने सदन में शून्य काल के दौरान अपने संसदीय क्षेत्र की तमाम समस्याओं को फोकस करते हुए उसे रखा साथ ही सरकार से इन समस्याओं पर त्वरित समाधान की मांग किया। सांसद ने बताया कि उनका संसदीय क्षेत्र घोसी पूर्वांचल का अति पिछड़े क्षेत्रों में से एक है। घाघरा नदी में बाढ़ का प्रकोप, बेहतर शिक्षण संस्थान का न होना और इलाज के लिए कोई अच्छा सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज नहीं है। कल कारखाना और रोजगार विहिन क्षेत्रों में से जिला एक है। सांसद ने जिला मुख्यालय पर मौजूद बंद पड़ी स्वदेषी काटन मिल के साथ सूत कताई मिल को चालू करने तथा चीनी मिल को पुन: स्थापित करने की मांग की।
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सांसद के निजी सचिव और मीडिया सलाहकार अधिवक्ता शैलेंद्र जायसवाल ने बताया कि संसद में सांसद ने तर्क दिया कि पुरुषों को प्रताड़ित करते हुए महिलाओं की तरफ से केस किया जाता है। ऐसे हजारो मामले दर्ज होकर लंबित हैं। उन पीड़ित पुरुषों को न्याय दिलाने के लिए देश में पुरुष आयोग बनाया जाना जरूरी है।
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इसके अलावा सांसद ने सदन में शून्य काल के दौरान अपने संसदीय क्षेत्र की तमाम समस्याओं को फोकस करते हुए उसे रखा साथ ही सरकार से इन समस्याओं पर त्वरित समाधान की मांग किया। सांसद ने बताया कि उनका संसदीय क्षेत्र घोसी पूर्वांचल का अति पिछड़े क्षेत्रों में से एक है। घाघरा नदी में बाढ़ का प्रकोप, बेहतर शिक्षण संस्थान का न होना और इलाज के लिए कोई अच्छा सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज नहीं है। कल कारखाना और रोजगार विहिन क्षेत्रों में से जिला एक है। सांसद ने जिला मुख्यालय पर मौजूद बंद पड़ी स्वदेषी काटन मिल के साथ सूत कताई मिल को चालू करने तथा चीनी मिल को पुन: स्थापित करने की मांग की।
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