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गिट्टी न तारकोल, कैसे गढ्ढामुक्त होंगी सड़कें
Updated Sat, 10 Jun 2017 11:51 PM IST
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बोझी बाजार। प्रदेश की सड़कों को 15 जून तक गड्ढामुक्त करने का मुख्यमंत्री योगी का वादा पूरा होता नहीं दिख रहा है। अन्य सड़कों की तरह बोझी बाजार से अतरसावां जाने वाला मार्ग भी बजट के अभाव में नाफरमानी का शिकार हो चला है। छह किमी लंबी यह सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। साथ ही इस पर गढ्ढों की भरमार है। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से राहगीरों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा।
सीएम के द्वारा सड़कों को गढ्ढा मुक्त करने के जारी आदेश में अब सिर्फ पांच दिन शेष रह गए हैं। पांच दिन में यह समयावधि समाप्त हो जाएगी। ऐसे में इस सड़क के गड्ढामुक्त होने को लेकर संशय बरकरार है। सड़क की मरम्मत का काम अभी शुरू ही नहीं हो सका है। न तो गड्ढों को भरने के लिए गिट्टी गिराई गई और न ही तारकोल की ही व्यवस्था नजर आ रही है।
बताते चले पांच वर्ष पूर्व 2008 में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क का निर्माण एक करोड़ 35 लाख 69 हजार की लागत से किया गया था। जून 2009 में यह सड़क पूरी तरह बनकर तैयार हुई। बनने के बाद फिर किसी सड़क की तरफ नहीं झांका। इस दौरान सड़क टूटती गई और आज गड्ढे में तब्दील हो गई। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को छह किमी लंबी दूरी तय करके आना जाना होता है। 2008 के बाद इस सड़क पर कोई मरम्मत या निर्माण का कार्य नहीं किया जा सका है।
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इस बाबत लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि सड़क को गड्ढामुक्त करने के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। पैसा मिलते ही सड़कों की मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा।
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सीएम के द्वारा सड़कों को गढ्ढा मुक्त करने के जारी आदेश में अब सिर्फ पांच दिन शेष रह गए हैं। पांच दिन में यह समयावधि समाप्त हो जाएगी। ऐसे में इस सड़क के गड्ढामुक्त होने को लेकर संशय बरकरार है। सड़क की मरम्मत का काम अभी शुरू ही नहीं हो सका है। न तो गड्ढों को भरने के लिए गिट्टी गिराई गई और न ही तारकोल की ही व्यवस्था नजर आ रही है।
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बताते चले पांच वर्ष पूर्व 2008 में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क का निर्माण एक करोड़ 35 लाख 69 हजार की लागत से किया गया था। जून 2009 में यह सड़क पूरी तरह बनकर तैयार हुई। बनने के बाद फिर किसी सड़क की तरफ नहीं झांका। इस दौरान सड़क टूटती गई और आज गड्ढे में तब्दील हो गई। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को छह किमी लंबी दूरी तय करके आना जाना होता है। 2008 के बाद इस सड़क पर कोई मरम्मत या निर्माण का कार्य नहीं किया जा सका है।
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इस बाबत लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि सड़क को गड्ढामुक्त करने के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। पैसा मिलते ही सड़कों की मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा।