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4100 रसोइयों का पांच माह से नहीं मिल रहा मानदेय:
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मऊ। परिषदीय विद्यालयों में तैनात 4100 रसोइयों को मानदेय पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। इसको लेकर रसोइये आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं। रसोइयों ने अधिकारियों से भुगतान की गुहार लगाई लेकिन कुछ नहीं हुआ। रसोइयों ने कहा कि यदि मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।
जिले के 1600 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित है। इन विद्यालयों में 4100 रसोइयों की तैनाती की गई है। विभाग की तरफ से प्रतिमाह 1500 रुपये प्रति माह के हिसाब से रसोइयों को मानदेय मिलता है। लेकिन पांच माह से मानदेय नहीं मिलने से रसोइयों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। उनका कहना है कि परिवार का खर्च चलाना तो दूर अपना खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ की महामंत्री संगीता यादव ने कहा कि महीनों से मानदेय नहीं मिला है। छोटा मानदेय होने से घर चलाना मुश्किल हो रहा है। मानदेय का भुगतान अविलंब नहीं किया गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। इसी क्रम मेें अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ के संरक्षक सुरेंद्र नाथ गौतम का कहना था कि रसोइयों का मानदेय का भुगतान समय से नहीं किया जा रहा है। इससे रसोइयों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका है। इसी क्रम में रसोइया सुमन गोंड का कहना था कि बकाया मानदेय का अविलंब भुगतान नहीं किया गया तो हम लोग धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हो जाएंगे। रसोइया पूनम गौतम ने कहा कि मानदेय कब मिलेगा। इसके बारे में कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए माध्यम हो जाएंगे।
अप्रैल से अगस्त तक का बजट नहीं मिला है। बजट मिलते ही रसोइयों का मानदेय जारी कर दिया जाएगा। -पीयूष पांडेय, जिला समन्वयक, मध्याह्न भोजन।
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जिले के 1600 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित है। इन विद्यालयों में 4100 रसोइयों की तैनाती की गई है। विभाग की तरफ से प्रतिमाह 1500 रुपये प्रति माह के हिसाब से रसोइयों को मानदेय मिलता है। लेकिन पांच माह से मानदेय नहीं मिलने से रसोइयों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। उनका कहना है कि परिवार का खर्च चलाना तो दूर अपना खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ की महामंत्री संगीता यादव ने कहा कि महीनों से मानदेय नहीं मिला है। छोटा मानदेय होने से घर चलाना मुश्किल हो रहा है। मानदेय का भुगतान अविलंब नहीं किया गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। इसी क्रम मेें अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइया महासंघ के संरक्षक सुरेंद्र नाथ गौतम का कहना था कि रसोइयों का मानदेय का भुगतान समय से नहीं किया जा रहा है। इससे रसोइयों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका है। इसी क्रम में रसोइया सुमन गोंड का कहना था कि बकाया मानदेय का अविलंब भुगतान नहीं किया गया तो हम लोग धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हो जाएंगे। रसोइया पूनम गौतम ने कहा कि मानदेय कब मिलेगा। इसके बारे में कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है। समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए माध्यम हो जाएंगे।
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अप्रैल से अगस्त तक का बजट नहीं मिला है। बजट मिलते ही रसोइयों का मानदेय जारी कर दिया जाएगा। -पीयूष पांडेय, जिला समन्वयक, मध्याह्न भोजन।