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Mau News: 36 हजार ने की निशुल्क यात्रा, रेलवे स्टेशन से बिके 16 हजार टिकट
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मऊ। रक्षाबंधन पर 8 अगस्त की सुबह से 10 अगस्त की रात 12 बजे तक 36,377 ने निशुल्क यात्रा की। जबकि मऊ जंक्शन से 19 हजार लोगों ने सामान्य टिकट लेकर ट्रेन में सफर किया। रोडवेज बस में निशुल्क यात्रा का ये आंकड़ा पहली बार इतना अधिक रहा है। पिछले साल रक्षाबंधन पर 8573 महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की थी।
मऊ डिपो में 71 बसों का बेड़ा है। इनमें 60 परिवहन निगम की और 11 अनुबंधित हैं। रक्षाबंधन पर्व पर इस बार एक महिला के साथ एक पुरुष यात्री का भी किराया माफ कर दिया गया था। यही कारण रहा कि हर साल से अधिक लोगों ने निशुल्क यात्रा की है। आठ अगस्त की सुबह छह बजे से 10 अगस्त की रात 12 बजे तक केवल 42 घंटे में मऊ डिपो की 71 बसों ने 51,41,765 रुपये की कमाई की है। इसमें 34,24,715 रुपये से महिला पुरुषों ने निशुल्क यात्रा की, जो उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी। जबकि 18,029 पुरुषों ने 17,17,050 रुपये टिकट का शुल्क देकर यात्रा की। परिवहन निगम के आंकड़ों के अनुसार निशुल्क यात्रा करने वालों में केवल 9249 पुरुष और अन्य महिलाएं थीं। रोडवेज और रेलवे की तुलना की जाए तो इस साल रोजवेज की कमाई अधिक हुई है। आठ अगस्त से 10 अगस्त तक मऊ जंक्शन की अनारक्षित खिड़की से 18 लाख रुपये के 16 हजार सामान्य टिकटों की बिक्री हुई थी। तीन दिन तक लगातार मऊ डिपो की अधिकांश बसें गोरखपुर, बलिया और वाराणसी रूट पर चलती रहीं। दूसरे डिपो की बसों की संख्या अधिक होने से आजमगढ़, लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज आदि रूटों से मऊ डिपो की बसों से हटाकर व्यस्त रूट पर लगा दी गई थीं। ऐतिहासिक कमाई के पीछे चालक परिचालकों का एक ही रूट पर तीन से चार फेरे लगाना और बिना छुट्टी काम करते रहना है।
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एक नजर में
दिन निशुल्क यात्री टिकट मूल्य
8 अगस्त 7030 4,55,268 रु.
9 अगस्त 14,057 13,98,338 रु.
10 अगस्त 15,290 15,71,109 रु.
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कोट -
इस साल सबसे अधिक महिला और पुरुषों ने निशुल्क यात्रा का लाभ उठाया है। 18,029 पुरुषों ने टिकट का शुल्क देकर सफर किया। सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ तीन गुना अधिक बढ़ गई थी, जिसके चलते चालकों को एक रूट पर तीन से चार फेरे लगाने पड़े थे।
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- हरिशंकर पांडेय, एआरएम, मऊ
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मऊ डिपो में 71 बसों का बेड़ा है। इनमें 60 परिवहन निगम की और 11 अनुबंधित हैं। रक्षाबंधन पर्व पर इस बार एक महिला के साथ एक पुरुष यात्री का भी किराया माफ कर दिया गया था। यही कारण रहा कि हर साल से अधिक लोगों ने निशुल्क यात्रा की है। आठ अगस्त की सुबह छह बजे से 10 अगस्त की रात 12 बजे तक केवल 42 घंटे में मऊ डिपो की 71 बसों ने 51,41,765 रुपये की कमाई की है। इसमें 34,24,715 रुपये से महिला पुरुषों ने निशुल्क यात्रा की, जो उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी। जबकि 18,029 पुरुषों ने 17,17,050 रुपये टिकट का शुल्क देकर यात्रा की। परिवहन निगम के आंकड़ों के अनुसार निशुल्क यात्रा करने वालों में केवल 9249 पुरुष और अन्य महिलाएं थीं। रोडवेज और रेलवे की तुलना की जाए तो इस साल रोजवेज की कमाई अधिक हुई है। आठ अगस्त से 10 अगस्त तक मऊ जंक्शन की अनारक्षित खिड़की से 18 लाख रुपये के 16 हजार सामान्य टिकटों की बिक्री हुई थी। तीन दिन तक लगातार मऊ डिपो की अधिकांश बसें गोरखपुर, बलिया और वाराणसी रूट पर चलती रहीं। दूसरे डिपो की बसों की संख्या अधिक होने से आजमगढ़, लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज आदि रूटों से मऊ डिपो की बसों से हटाकर व्यस्त रूट पर लगा दी गई थीं। ऐतिहासिक कमाई के पीछे चालक परिचालकों का एक ही रूट पर तीन से चार फेरे लगाना और बिना छुट्टी काम करते रहना है।
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एक नजर में
दिन निशुल्क यात्री टिकट मूल्य
8 अगस्त 7030 4,55,268 रु.
9 अगस्त 14,057 13,98,338 रु.
10 अगस्त 15,290 15,71,109 रु.
कोट -
इस साल सबसे अधिक महिला और पुरुषों ने निशुल्क यात्रा का लाभ उठाया है। 18,029 पुरुषों ने टिकट का शुल्क देकर सफर किया। सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ तीन गुना अधिक बढ़ गई थी, जिसके चलते चालकों को एक रूट पर तीन से चार फेरे लगाने पड़े थे।
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- हरिशंकर पांडेय, एआरएम, मऊ