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परिषदीय विद्यालयों में प्रोजेक्टर के माध्यम से होगी पढ़ाई
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अब जिले के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रोजेक्टर से पढ़ाई कराई जाएगी। शासन की तरफ से ‘इंटीग्रेटेड स्कीम फॉर स्कूली शिक्षा’ के संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को टैबलेट तथा विद्यालयों में प्रोजेक्टर उपलब्ध कराने के आदेश दे दिए गए हैं। ऐसा बच्चों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के मकसद से किया जा रहा। जल्द ही स्कूलों में इसकी व्यवस्था कर दी जाएगी।
जिले में 1060 प्राथमिक, 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं कंप्यूटर तथा प्रोजेक्टर से पढ़ाई करेंगे। स्कूलों में मिशन कायाकल्प शुरू किया गया है। शासन की तरफ से ‘इंटीग्रेटेड स्कीम फॉर स्कूली शिक्षा’ के तहत जिले के सभी बीईओ, एबीआरसी, प्राइमरी, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को टैबलेट देने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी, जो टैबलेट की खरीदारी करेगी। समिति में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, बीएसए, डायट प्राचार्य भी शामिल रहेंगे।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा के लिए लैपटॉप, प्रोजेक्टर आदि भी खरीदा जाएगा। स्कूलों में चलने वाले कार्यक्रमों की मानीटरिंग प्रत्येक ब्लॉक के बीईओ करेंगे। शासन की ओर से इन्हें भी कंप्यूटर उपलब्ध कराया जाएगा। इसी वित्तीय वर्ष में स्कूलों में इसकी व्यवस्था की जानी है। ताकि एक अप्रैल से नए शिक्षा सत्र में शिक्षा विभाग के अफसर स्कूलों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रख सकें। स्कूलों में की जाने वाली गतिविधियों को सीधे शासन को भेजा जाएगा। स्कूलों के शिक्षकों को टैबलेट व कंप्यूटर के संचालन में दक्ष किया जाएगा।
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जिला सूचना विज्ञान अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में प्रोजेक्टर, प्रधानाध्यापकों को टैबलेट उपलब्ध कराने के मामले में शासन को पत्र मिला है। जिला समन्वयक प्रशिक्षण गजेद्र सिंह का कहना है कि परिषदीय स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास का संचालन कराया गया है। शासन के जो भी आदेश होंगे, उनका पालन कराया जाएगा।
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जिले में 1060 प्राथमिक, 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं कंप्यूटर तथा प्रोजेक्टर से पढ़ाई करेंगे। स्कूलों में मिशन कायाकल्प शुरू किया गया है। शासन की तरफ से ‘इंटीग्रेटेड स्कीम फॉर स्कूली शिक्षा’ के तहत जिले के सभी बीईओ, एबीआरसी, प्राइमरी, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को टैबलेट देने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी, जो टैबलेट की खरीदारी करेगी। समिति में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, बीएसए, डायट प्राचार्य भी शामिल रहेंगे।
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उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा के लिए लैपटॉप, प्रोजेक्टर आदि भी खरीदा जाएगा। स्कूलों में चलने वाले कार्यक्रमों की मानीटरिंग प्रत्येक ब्लॉक के बीईओ करेंगे। शासन की ओर से इन्हें भी कंप्यूटर उपलब्ध कराया जाएगा। इसी वित्तीय वर्ष में स्कूलों में इसकी व्यवस्था की जानी है। ताकि एक अप्रैल से नए शिक्षा सत्र में शिक्षा विभाग के अफसर स्कूलों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रख सकें। स्कूलों में की जाने वाली गतिविधियों को सीधे शासन को भेजा जाएगा। स्कूलों के शिक्षकों को टैबलेट व कंप्यूटर के संचालन में दक्ष किया जाएगा।
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जिला सूचना विज्ञान अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में प्रोजेक्टर, प्रधानाध्यापकों को टैबलेट उपलब्ध कराने के मामले में शासन को पत्र मिला है। जिला समन्वयक प्रशिक्षण गजेद्र सिंह का कहना है कि परिषदीय स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास का संचालन कराया गया है। शासन के जो भी आदेश होंगे, उनका पालन कराया जाएगा।