{"_id":"5b9ff125867a557fec71c69a","slug":"31537208613-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदर्शन की सफलता को दो टीमों का गठन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदर्शन की सफलता को दो टीमों का गठन
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मधुबन में स्थित शहीद स्मारक पर सोमवार को सर्व समाज की बैठक हुई। बैठक में 19 सितम्बर को मधुबन बाजार में होने वाले धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि एससीएसटी एक्ट के विरोध में क्षेत्र में जनजागरण करना जरूरी है। इसके लिए दो टीमों का गठन किया गया।
बैठक में एससीएसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को बहाल करने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि इस एक्ट के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाले को दस साल की सजा का प्रावधान किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि यदि आरोपी व्यक्ति न्यायालय द्वारा दोष मुक्त होता है तो उसे एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाय तथा बिना जांच के किसी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज न किया जाय। गांव गांव में जाकर एससीएसटी एक्ट के विरोध में जनजागरण करने का निर्णय लिया गया। बैठक में दो टीमों का गठन किया गया।
जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व में तथा देवेन्द्र सिंह, कौशल चौहान और गुलाब राजभर के नेतृत्व में दूसरी टीम के पिछडा वर्ग, सामान्य वर्ग तथा मुस्लिम समाज में संपर्क के लिये की रणनीति बनाई गई।
विज्ञापन
बैठक में दुलारे यादव, ब्रज भूषण तिवारी, राम अवध पाण्डेय, कौशल चौहान, लल्लन सिंह, रामचीज सिंह, मुन्नासिंह, राजकुमार यादव, अश्वनी सिंह, रामवृक्ष, उमेश मल्ल, धीरेन्द्र मल्ल, शेषनाथ सिंह, सोनू, द्दन्नू, अरबिन्द, यशवंत, निसार अहमद, फखरुद्दीन खाँ, रामजी मौर्य, जनार्दन मौर्य, संवरू साहनी, रामबृक्ष साहनी आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
बैठक में एससीएसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को बहाल करने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि इस एक्ट के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाले को दस साल की सजा का प्रावधान किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि यदि आरोपी व्यक्ति न्यायालय द्वारा दोष मुक्त होता है तो उसे एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाय तथा बिना जांच के किसी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज न किया जाय। गांव गांव में जाकर एससीएसटी एक्ट के विरोध में जनजागरण करने का निर्णय लिया गया। बैठक में दो टीमों का गठन किया गया।
विज्ञापन
जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व में तथा देवेन्द्र सिंह, कौशल चौहान और गुलाब राजभर के नेतृत्व में दूसरी टीम के पिछडा वर्ग, सामान्य वर्ग तथा मुस्लिम समाज में संपर्क के लिये की रणनीति बनाई गई।
विज्ञापन
बैठक में दुलारे यादव, ब्रज भूषण तिवारी, राम अवध पाण्डेय, कौशल चौहान, लल्लन सिंह, रामचीज सिंह, मुन्नासिंह, राजकुमार यादव, अश्वनी सिंह, रामवृक्ष, उमेश मल्ल, धीरेन्द्र मल्ल, शेषनाथ सिंह, सोनू, द्दन्नू, अरबिन्द, यशवंत, निसार अहमद, फखरुद्दीन खाँ, रामजी मौर्य, जनार्दन मौर्य, संवरू साहनी, रामबृक्ष साहनी आदि उपस्थित रहे।