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रुप धारण करने से तटवर्ती इलाकों पर संकट आसन्न
Updated Thu, 26 Jul 2018 10:04 PM IST
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दोहरीघाट। घाघरा के जलस्तर की रफ्तार तेजी से बढ़ने से तटवर्ती इलाकेे के लोगों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 20 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के रौद्र रूप धारण करने से कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।
इसके बावजूद सिंचाई विभाग की तरफ से बचाव के उपाय नहीं किए जा सके हैं। गुरुवार को नदी के जलस्तर में 24 घंटे में 20 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। इससे लोगों को नदी के कहर बरपाने का खतरा अभी से सताने लगा है। नदी में बाढ़ आने के डर से किसानों को फसल डूबने की चिंता खाए जा रही है। नदी की लहरें मुक्तिधाम और भारत माता मंदिर पर टकरा रही हैं। घाघरा के जलस्तर पर नजर डालें तो गुरुवार को नदी का जलस्तर 68.97 मीटर रहा। जबकि बुधवार को जलस्तर 68.77 मीटर पर दर्ज किया गया था। जबकि गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर है। नदी में बाढ़ आने के खतरे के बावजूद विभागीय अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। कसबेवासियों की माने तो नदी के जलस्तर बढ़ने की रफ्तार जारी रहा तो नगर की एतिहासिक धरोहरें मुक्तिधाम, हनुमान मंदिर, शाही मस्जिद, डीह बाबा का मंदिर, डाक बंगला, दुर्गा मंदिर धनौली रामपुर सति तटवर्ती इलाकों के नई बाजार, नौली, चिऊंटीडांड़, लामी, तारनपुर, कादीपुर, हरधौली, बहादुरपुर सहित दर्जनों गांवों में नदी कहर बरपा सकती है।
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इसके बावजूद सिंचाई विभाग की तरफ से बचाव के उपाय नहीं किए जा सके हैं। गुरुवार को नदी के जलस्तर में 24 घंटे में 20 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। इससे लोगों को नदी के कहर बरपाने का खतरा अभी से सताने लगा है। नदी में बाढ़ आने के डर से किसानों को फसल डूबने की चिंता खाए जा रही है। नदी की लहरें मुक्तिधाम और भारत माता मंदिर पर टकरा रही हैं। घाघरा के जलस्तर पर नजर डालें तो गुरुवार को नदी का जलस्तर 68.97 मीटर रहा। जबकि बुधवार को जलस्तर 68.77 मीटर पर दर्ज किया गया था। जबकि गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर है। नदी में बाढ़ आने के खतरे के बावजूद विभागीय अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। कसबेवासियों की माने तो नदी के जलस्तर बढ़ने की रफ्तार जारी रहा तो नगर की एतिहासिक धरोहरें मुक्तिधाम, हनुमान मंदिर, शाही मस्जिद, डीह बाबा का मंदिर, डाक बंगला, दुर्गा मंदिर धनौली रामपुर सति तटवर्ती इलाकों के नई बाजार, नौली, चिऊंटीडांड़, लामी, तारनपुर, कादीपुर, हरधौली, बहादुरपुर सहित दर्जनों गांवों में नदी कहर बरपा सकती है।
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