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दस हजार हेक्टेएयर क्षेत्रफल की खेती भगवान भरोसे

Fri, 15 Jun 2018 01:24 AM IST
Updated Fri, 15 Jun 2018 01:24 AM IST
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दस हजार हेक्टेएयर क्षेत्रफल की खेती भगवान भरोसे
आजमगढ़ जिले के लाटघाट के पास से निकलने वाली छोटी सरयू नदी के तटवर्ती गांवों में फैले लगभग दस हजार एकड़ क्षेत्रफल में खेती भगवान भरोसे है। इस छोटी सरयू नदी में बाढ़ आने पर इतने क्षेत्रफल में खरीफ और रबी सीजन की फसलें काफी प्रभावित हो जाती हैं। खरीफ की फसलें तो पूरी तरह चौपट हो जाती हैं। दस साल पहले इस नदी की खुदाई कराई गई थी लेकिन इसके तटबंध नहीं बनाए गए थे। दो साल पहले सपा शासन में इस नदी की खुदाई कराने के लिए कार्य योजना बनाई गई थी। इसे शासन को भेजा गया था जहां इसे स्वीकृति मिली थी। लेकिन धन आवंटन नहीं हो पाया। इसके बाद चुनाव आ गए और सरकारी बदल गई। तब से यह कार्ययोजना ठंडे बस्ते में डाल दी गई है।
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छोटी सरयू नदी की कुल लंबाई 59 किलोमीटर है। इस नदी का लगभग 48 किलोमीटर का भाग मऊ जनपद में पड़ता है। यह नदी छिछली तो है लेकिन जब बाढ़ आ जाती है तो आजमगढ़ जिले के लाटघाट से लेकर मऊ जनपद के सहरोज के पास तमसा नदी तक का लगभग दस हजार एकड़ का इलाका जलमग्न हो जाता है जिससे फसलों की काफी बरबादी होती है। बोझी से लेकर नदवासराय, फतेहपुर मसीना, भांवर कोल चिस्तीपुर , काछी कला, रेवरीडीह होते हुए यह नदी सहरोज के दक्षिण प्रवाहित होने वाली तमसा नदी में मिलती है। इस नदी के तटवर्ती इलाकों में वैसे तो जलजमाव के चलते खरीफ की फसल नहीं होती है लेकिन जिस साल बाढ आ जाती है उस साल नदी का पानी तटवर्ती इलाकों में महीनों तक रुक जाता है और रबी की फसलों की बुुआई में देरी हो जाती है। वर्ष 2007 -08 में इसकी खुदाई कराई गई थी। लेकिन यह खुदाई भी मानकों के अनुकूल नहीं कराई गई। नतीजा यह हुआ कि खुदाई करके जो मिट्टी नदी के बिलकुल किनारों पर रखी गई थी वह पहली ही बरसात में घुलकर फिर नदी में समा गई। इससे नदी का प्रवाह फिर अवरुद्ध होने लगा। आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र के सांसद सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के क्षेत्र में विकासोन्मुखी योजनाएं बन रही थीं तो इनमें छोटी सरयू नदी की खुदाई का कार्य भी शामिल किया गया। इस योजना पर 15 करोड़ रुपयों का स्टीमेट बनाकर शासन में भेजा गया। वर्ष 2016 -17 में यह शासन से स्वीकृत भी हो गया। लेकिन बजट का आवंटन नहीं हो सका। इसके बाद प्रदेश में सरकार बदल गई और यह कार्य योजना अब ठंडे बस्ते में है। इस बाबत किसान नेता देवप्रकाश राय, तहसील बार एसोसिएयेशन के मंत्री शिवनारायण राय कोपागंज ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि जयप्रकाश, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र यादव साधू कहते हैं कि यदि उस स्वीकृत कार्ययोजना पर सरकार बजट का आवंटन कर दे तो113 गांवों के किसानों की खरीफ और रबी फसलों की खेती ठीक से होने लगेगी।छोटी सरयू नदी के तटवर्ती गांवों के किसानों के खेत बेकार नहीं रहेंगे। इस संबंध में अधिशासी अभियंता सिंचाई वीरेंद्र सरोज का कहना है कि यह कार्य योजना बाढ़ खंड आजमगढ की है , बजट मिलने पर खुदाई कराई जाएगी।
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