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नगरपालिका में निर्दलियों का रहा दबदबा
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:41 AM IST
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मऊ। नगर पालिका मऊ में सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के आने के बाद वोटों का ध्रुवीकरण नहीं हो सका। अलबत्ता उनके भाषण के अल्फाज ने तैयब पालकी के विजय की राह को और आसन जरूर कर दिया। योगी ने बुनकरों की धरती पर उनके बारे में दो शब्द बोलना तो भुल गए। लेकिन मुख्तार की तरफ ईशारा करके यह जरूर बोले कि अपराधियों के लिए यूपी में कोई स्थान नहीं है। वो चाहे यमराज के यहां जाए या फिर यूपी छोड़ दें।
इसका परिणाम रहा कि अन्य चुनावों में दूसरे स्थान पर रहने वाली भाजपा इस बार तीसरे स्थान पर पहुंच गई। इतना ही नहीं 42 वार्डो में से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े सदस्य पद के प्रत्याशियों में से महज छह को जीत हासिल हुई। इसी तरह से अध्यक्ष की कुर्सी पर बसपा ने भले ही कब्जा जमा लिया लेकिन सदस्यों को जीत दिलाने में मुख्तार का खेमा बिफल रहा। यहां बसपा के मात्र तीन सदस्य जीत हासिल कर सकें। नगर पालिका के सदन में 69.04 प्रतिशत निर्दल सदस्य बैठेंगे। कुल 42 वार्डों वाली नगर पालिका में 29 सीटों पर निर्दलियों ने परचम लहराया है। बताते चले 42 वार्डो पर से भाजपा सहित अन्य दलगत पार्टियों में सपा और बसपा ने सभी 42 वार्डों से प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा था। सदस्य पद के लिए टिकट वितरण को लेकर इन तीनों प्रमुख दलों के दावेदारों में कुछ असंतोष उपजा था। इसके चलते कई बागी भी हो गए थे। कई प्रत्याशियों ने पार्टी की राह छोड़ निर्दल परचा भरा। अपने बूते निर्दलीय प्रत्याशी प्रचार में जुटे रहे और प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को धूल चटाते हुए जनता में अपनी मजबूत पकड़ का लोहा मनवा दिया। यहीं वजह रही कि जिस बसपा का नगरपालिका चेयरमैन निर्वाचित हुआ, सदस्य पदों के चुनाव में इस पार्टी का हाल खस्ता हो गया। चेयरमैन की पार्टी महज तीन सदस्यों को जिता सकी। बताते चलें कि विधायक मुख्तार अंसारी की गैरमौजूदगी में उनके पुत्र अब्बास अंसारी ने लगातार प्रत्याशियों को जिताने का प्रयास किए। लेकिन उन्हें मऊ नगरपालिका के बाद अध्यक्ष की सीट पर ही सफलता दिला सके।
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इसका परिणाम रहा कि अन्य चुनावों में दूसरे स्थान पर रहने वाली भाजपा इस बार तीसरे स्थान पर पहुंच गई। इतना ही नहीं 42 वार्डो में से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े सदस्य पद के प्रत्याशियों में से महज छह को जीत हासिल हुई। इसी तरह से अध्यक्ष की कुर्सी पर बसपा ने भले ही कब्जा जमा लिया लेकिन सदस्यों को जीत दिलाने में मुख्तार का खेमा बिफल रहा। यहां बसपा के मात्र तीन सदस्य जीत हासिल कर सकें। नगर पालिका के सदन में 69.04 प्रतिशत निर्दल सदस्य बैठेंगे। कुल 42 वार्डों वाली नगर पालिका में 29 सीटों पर निर्दलियों ने परचम लहराया है। बताते चले 42 वार्डो पर से भाजपा सहित अन्य दलगत पार्टियों में सपा और बसपा ने सभी 42 वार्डों से प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा था। सदस्य पद के लिए टिकट वितरण को लेकर इन तीनों प्रमुख दलों के दावेदारों में कुछ असंतोष उपजा था। इसके चलते कई बागी भी हो गए थे। कई प्रत्याशियों ने पार्टी की राह छोड़ निर्दल परचा भरा। अपने बूते निर्दलीय प्रत्याशी प्रचार में जुटे रहे और प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को धूल चटाते हुए जनता में अपनी मजबूत पकड़ का लोहा मनवा दिया। यहीं वजह रही कि जिस बसपा का नगरपालिका चेयरमैन निर्वाचित हुआ, सदस्य पदों के चुनाव में इस पार्टी का हाल खस्ता हो गया। चेयरमैन की पार्टी महज तीन सदस्यों को जिता सकी। बताते चलें कि विधायक मुख्तार अंसारी की गैरमौजूदगी में उनके पुत्र अब्बास अंसारी ने लगातार प्रत्याशियों को जिताने का प्रयास किए। लेकिन उन्हें मऊ नगरपालिका के बाद अध्यक्ष की सीट पर ही सफलता दिला सके।
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