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स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण)
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:35 PM IST
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मऊ। स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) योजनांतर्गत समुदाय संचालित संपूर्ण स्वच्छता विधा पर आधारित एक दिवसीय क्षमतावर्धन प्रशिक्षण आयोजित किए गए। जिला पंचायत राज अधिकारी शेषदेव पाण्डेय के साथ यूनीसेफ के आजमगढ़ मंडल कंसलटेेंट प्रभात कुमार विकास ने घोसी विकास खंड में रोजगार सेवकों तथा सफाईकर्मियों को प्रशिक्षण दिया। विकास खंड दोहरीघाट में स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक अजय कुमार शर्मा ने द्वारा रोजगार सेवक एवं सफाईकर्मियों को प्रशिक्षण दिया।
इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों ने गांवों में खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया। कहा कि खुले में शौच जाना महिलाओं के मान-सम्मान के लिए भी अच्छा नहीं माना जाता है। खुले में शौच से होने वाली गंदगी से जनमानस के स्वास्थ्य पर गंभीर विपरीत प्रभाव पड़ता है। प्रशिक्षकों ने गांव में सभी व्यक्तियों को शौचालय का निर्माण कराने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण में बताया गया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक तथा सफाईकर्मी को अपने कार्यक्षेत्र में कम से कम 25 व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण अगले जुलाई महीने के अंत तक कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों ने गांवों में खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया। कहा कि खुले में शौच जाना महिलाओं के मान-सम्मान के लिए भी अच्छा नहीं माना जाता है। खुले में शौच से होने वाली गंदगी से जनमानस के स्वास्थ्य पर गंभीर विपरीत प्रभाव पड़ता है। प्रशिक्षकों ने गांव में सभी व्यक्तियों को शौचालय का निर्माण कराने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण में बताया गया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक तथा सफाईकर्मी को अपने कार्यक्षेत्र में कम से कम 25 व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण अगले जुलाई महीने के अंत तक कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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