{"_id":"6a3ec68f9f0f338afd0ec972","slug":"31-children-suffering-from-diarrhea-admitted-in-three-days-mau-news-c-295-1-svns1028-147689-2026-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: तीन दिन में डायरिया पीड़ित 31 बच्चे भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: तीन दिन में डायरिया पीड़ित 31 बच्चे भर्ती
विज्ञापन
जिला अस्पताल स्थित पीआईसीयू में भर्ती बच्चे।संवाद
भीषण गर्मी का प्रकोप बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक पीआईसीयू वार्ड में तीन दिनों के भीतर 30 बच्चे भर्ती किए गए हैं।
भीषण गर्मी के चलते बच्चे विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बुधवार को पीडियाट्रिक पीआईसीयू वार्ड में 12 बच्चे भर्ती हुए, बृहस्पतिवार को 10 और शुक्रवार को 9 बच्चे भर्ती किए गए।
इनमें से कई बच्चों को उपचार के बाद चार से पांच घंटे में डिस्चार्ज भी कर दिया गया।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीएस साहनी के अनुसार भीषण गर्मी के कारण बच्चों में डायरिया के मामले बढ़ रहे हैं। हल्की बारिश के बाद अब सीधी धूप पड़ रही है, जिससे गर्म हवा के थपेड़े लोगों को प्रभावित कर रहे हैं।
इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है और दूषित खानपान बच्चों को बीमार बना रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कंचन आजाद ने बताया कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों में डायरिया की मुख्य वजह बासी और दूषित भोजन तथा असुरक्षित पेयजल है।
विज्ञापन
गर्मियों में दूध की बोतल ठीक से साफ न करने और खराब दूध के सेवन से भी पेट संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। अधिक तापमान में रातभर रखा दूध खराब हो सकता है, जिसका सेवन नुकसानदायक होता है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि गर्मी में नमी वाले स्थानों पर बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं। रोटावायरस और ई-कोलाई बैक्टीरिया दस्त की प्रमुख वजह हैं।
बच्चों का पाचन तंत्र कमजोर होने के कारण संक्रमण जल्दी फैलता है। उन्होंने बताया कि शुरुआती लक्षण दिखने पर बिना चिकित्सकीय सलाह दवा देने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
विज्ञापन
भीषण गर्मी के चलते बच्चे विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बुधवार को पीडियाट्रिक पीआईसीयू वार्ड में 12 बच्चे भर्ती हुए, बृहस्पतिवार को 10 और शुक्रवार को 9 बच्चे भर्ती किए गए।
इनमें से कई बच्चों को उपचार के बाद चार से पांच घंटे में डिस्चार्ज भी कर दिया गया।
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीएस साहनी के अनुसार भीषण गर्मी के कारण बच्चों में डायरिया के मामले बढ़ रहे हैं। हल्की बारिश के बाद अब सीधी धूप पड़ रही है, जिससे गर्म हवा के थपेड़े लोगों को प्रभावित कर रहे हैं।
विज्ञापन
इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है और दूषित खानपान बच्चों को बीमार बना रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कंचन आजाद ने बताया कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों में डायरिया की मुख्य वजह बासी और दूषित भोजन तथा असुरक्षित पेयजल है।
विज्ञापन
गर्मियों में दूध की बोतल ठीक से साफ न करने और खराब दूध के सेवन से भी पेट संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। अधिक तापमान में रातभर रखा दूध खराब हो सकता है, जिसका सेवन नुकसानदायक होता है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि गर्मी में नमी वाले स्थानों पर बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं। रोटावायरस और ई-कोलाई बैक्टीरिया दस्त की प्रमुख वजह हैं।
बच्चों का पाचन तंत्र कमजोर होने के कारण संक्रमण जल्दी फैलता है। उन्होंने बताया कि शुरुआती लक्षण दिखने पर बिना चिकित्सकीय सलाह दवा देने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।